व्यापारियों की राय

Dividend क्या होता है

Dividend क्या होता है
Ultimate financial independence is dividends . supporting your life style.

डिविडेंड क्या होता है और कैसे काम करता है

स्टॉक मार्केट के जरिए आप हर महीने passive income किस तरह कमा सकते है इस पोस्ट में जानेंगे , और वहीं चीज है Dividend.

ये एक ऐसा तरीका है जिसमे आपको कुछ खरीदना और बेचना नही है। बस ये आपको इसलिए मिल रहा है क्योंकि आपके पास उस कंपनी का शेयर है।

दोस्तों स्टॉक मार्केट में दो तरह से पैसे कमाएं जाते है। पहला सिंपल है जो सभी लोग करते है, जैसे कि किसी स्टॉक को ₹200 रूपय में खरीदा और ₹500 में बेचा तो हमारा फायदा 300 रुपया का हुआ। Dividend इस चीज से अलग हैं।

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Dividend क्या होता है

किसी भी कंपनी के लाभ में partner का हिस्सा होता है, जो लाभ कमाने पर अपने शेयरहोल्डर में बांटती है इसे ही Dividend कहा जाता है। डिविडेंड पैसे, शेयर या अन्य कई रूपों में दिया जा सकता है।

जब किसी कंपनी को Dividend क्या होता है Dividend क्या होता है मुनाफा होता है और कंपनी मुनाफे को खर्च नही कर पा रही है तो, उस मुनाफे को अपने शेयरहोल्डर में बांट देती है इसे ही डिविडेंड कहा जाता है।

Dividend kya hota hai

Dividend दो word मिलकर बना है शायद आपको पता चला गया होगा की वो दो वर्ड क्या है।

  • Divide + End = Dividend
  • End में जो पैसा बच्चा उसे Divide करो End में इसीलिए इसे Dividend कहते हैं।

जब कभी भी आप किसी कंपनी का स्टॉक खरीदते है तब आप कही न कही उस कंपनी एक छोटा सा भाग या हिस्सा खरीद रहे है। आप चाहे कितना भी हिस्सा खरीद रहे हो उतना का आप मालिक बन जाते हो।

तो जब कंपनी प्रॉफिट कमाती है तो आपका भी प्रॉफिट होता है , Vice-versa.

कंपनी डिविडेंड क्यों देती है

कंपनी को एक साल में जितना भी प्रॉफिट हुआ, कंपनी उस प्रोफिट को बैंक या कैश में ना रखकर या तो पैसे को फिर से अपनी ही कंपनी में लगा देती है, और अगर कोई ऐसी कंपनी है जिसका प्रॉफिट काम से ज्यादा है तो वो उस प्रोफिट को अपने शेयरधारकों में डिविडेंड के रूप में बांट देती है।

कंपनी चाहे तो वो उस प्रॉफिट को फिर से reinvest कर सकती है। जो कंपनी नई होती है या फिर अभी stable नही है या अपने R&D a Advertisement पे ज्यादा इन्वेस्ट करना चाहती है क्योंकि इससे और प्रॉफिट होगा तो ऐसे समय में सारा पैसा फिर से कंपनी में लगा दिया जाता है। दूसरी वैसे बड़ी कंपनिया होती है जो बहुत ज्यादा प्रॉफिट कमाती है और समझ नही आता इतने पैसे का क्या करे तो वो अपने investor में बांट देती है।

Dividend के प्रकार

मुख्यत: डिविडेंड तीन प्रकार का होता है।

Cash Dividend ( कैश डिविडेंड )

कैश डिविडेंड शेयरधारकों को चेक के रूप में दिया जाता है। इस तरह के आय पे शेयरहोल्डर्स को अपने आय यानी की डिविडेंड पे टैक्स देना पड़ता है।

उदाहरण – यदि किसी आदमी के पास कंपनी के 500 शेयर्स है और उनका कैश डिविडेंड का प्राइस ₹5 है तो उसे डिविडेंड के रूप में ₹2500 मिलेंगे।

Stock Dividend ( स्टॉक डिविडेंड )

स्टॉक डिविडेंड में कंपनी शेयरहोल्डर को लाभ देने के बदले स्टॉक देती है , मतलब कि इसमें आपको कैश नही बल्कि उस लाभ के बदले और शेयर्स मिलेंगे। उदाहरण – 1000 शेयर रखने वाले को पांच प्रतिशत का डिविडेंड लाभ होने पर कंपनी उसे पांच अतिरिक्त शेयर देगी।

Property Dividend ( प्रॉपर्टी डिविडेंड )

कंपनी प्रॉपर्टी डिविडेंड में कैश या स्टॉक के बदले कुछ एसेस्ट प्रोडक्ट्स देती है।

Dividend कैसे काम करता है

आपको मैं एक बात बता दूं सारी कंपनिया डिविडेंड नही देती है , डिविडेंड देना कंपनी के ऊपर निर्भर करता है। एक ऐसी कंपनी जो बहुत सालों से डिविडेंड देती आ रही Dividend क्या होता है है वो डिविडेंड देना बंद कर सकती है , और ऐसी कंपनी जिसने आजतक डिविडेंड नहीं दिया वो भी Dividend दे सकती है।

Note – Dividend देना या ना देना कंपनी कंपनी पे निर्भर करता है।

डिविडेंड के अन्य प्रकार

डिविडेंड के मुख्य तीन प्रकार होते है स्पेशल डिविडेंड, अंतरिम डिविडेंड और फाइनल डिविडेंड।

स्पेशल डिविडेंड

इसमें सबसे पहले डिविडेंड अनाउंसमेंट डेट होता है इस दिन डिविडेंड देने की घोषणा होती है। फिर इसी के साथ और दो डेट जो की रिकॉर्ड डेट और पेमेंट डेट होती है। रिकॉर्ड डेट वो दिन होती है जिसदिन कंपनी देखती है कि किस किस इन्वेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में शेयर्स है। पेमेंट डेट के दिन कंपनी शेयर्स देती है।

Ex-Dividend date – रिकॉर्ड डेट के एक दो दिन पहले एक्स डिविडेंड डेट होता है , डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए इस डेट से पहले आपको शेयर्स खरीदना होगा।

अंतरिम डिविडेंड

अगर कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स फाइनेंशियल ईयर के बुक्स ऑफ अकाउंट्स क्लोज़ होने से पहले डिविडेंड देने की घोषणा करें तो उसे अंतरिम डिविडेंड कहते है। ये शेयर्सहोल्डर की सहमति से वापस भी लिया जा सकता है।

फाइनल डिविडेंड

फाइनल डिविडेंड वो डिविडेंड होता है जब कंपनी फाइनेंशल ईयर खत्म होने पर AGM ( Annual general meeting ) में डिविडेंड देने की घोषणा करती है , इस डिविडेंस को वापस नही लिया जा सकता है।

महत्वपूर्ण डिविडेंड डेट

DateImportance
Announcement dateइस दिन कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स डिविडेंड देने की घोषणा करते है।
Ex-Dividend dateइस डेट से पहले आपको शेयर्स खरीदने होंगे।
Record dateइस डेट को कंपनी देखती है की कौन कौन से इन्वेस्टर्स है जिनके डीमैट अकाउंट में शेयर्स है।
payment dateजिस दिन आपको डिविडेंड मिलता है।

ब्याज और लाभांश शब्दों में क्या अंतर है?

BaseinterestDividend
Meaningउधार के पैसों पे इंटरेस्ट लगाया जाता है ये बैंक या कोई इंसान भी ले सकता है।अगर कंपनी को प्रोफिट होता है तो उसे शेयर्सहोल्डर में बांटती है उसे डिविडेंड कहते हैं।
क्या है ?उधार के पैसों पे चार्ज।प्रोफिट का छोटा सा हिस्सा।
अनिवार्यहांनहीं
रेटफिक्स प्रिफरेंस शेयर में फिक्स लेकिन इक्विटी शेयर में फिक्स नहीं हैं।
किसको मिलेगाकर्ज़ लेने वाला , डिबेंचर्स होल्डर्सशेयर्सहोल्डर

FAQ

शेयर मार्केट में डिविडेंड क्या होता है?

कोई पब्लिक कंपनी जब Dividend क्या होता है लाभ कमाती है तो उसे अपने शेयरहोल्डर में बांटती है तो उसे डिविडेंड कहा जाता है।

सबसे ज्यादा डिविडेंड कौन सी कंपनी देती है?

भारत में सबसे ज़्यादा REC Ltd, Hinduja Global कंपनी डिविडेंड देती है।

किसी कंपनी का डिविडेंड कैसे चेक करें?

Moneycontrol वेबसाइट पे आपको सारे कंपनी के डिविडेंड की जानकारी मिल जाएगी।

आपने क्या सीखा

दोस्तो, आप डिविडेंड को अपना passive income भी बना सकते हो इसलिए आप सोच समझकर और रिसर्च करके पैसा लगाए। अपने पोर्टफोलियो में अच्छे डिविडेंड देने वाले स्टॉक्स को जरूर रखे।

मुझे उम्मीद है की आपको हमारा पोस्ट dividend क्या होता है पसंद आया होगा और आपकी डिविडेंड से जुड़ी समस्या का समाधान मिला होगा। अगर अभी भी कोई प्रश्न है तो आप कॉमेंट करके जरूर पूछे।

लाभांश क्या है?

लाभांश क्या है?

अधिनियम/ रेगुलेशन के मुताबिक, एक फंड अपने पोर्टफोलियो की सिक्योरिटीज को बेचकर अर्जित मुनाफे पर लाभांश घोषित कर सकता है, या फिर किसी अन्य ब्याज या लाभांश के से होने वाले वर्तमान आय के ज़रिये| ये मुनाफे समकारी आरक्षित लाभांश / डिविडेंड एकुअलाईज़ेशन रिज़र्व में स्थानांतरित / ट्रान्सफर कर दिए जाते हैं और ट्रस्टीज के विवेकानुसार लाभांश घोषित किये जाते हैं|

स्कीम के अंकित मूल्य (FV) के प्रतिशत के रूप में डिविडेंड की घोषणा की जाती है, NAV नहीं। अगर FV प्रति यूनिट रु. 10 है और डिविडेंड दर 20% है, तो डिविडेंड ऑप्शन में हर निवेशक को रु. 2 डिविडेंड मिलता है। हालांकि, डिविडेंड की घोषणा के बाद बराबर राशि से स्कीम की NAV कम हो जाती है। ग्रोथ ऑप्शन के निवेशकों को डिविडेंड प्राप्त करने का अधिकार नहीं है, और इस स्थिति में स्कीम से होने वाला लाभ वापस स्कीम में निवेश कर दिया जाता है। इसलिए, डिविडेंड ऑप्शन की तुलना में ग्रोथ ऑप्शन की NAV बढ़ती है।

1 अप्रैल 2020 के बाद, निवेशकों के पास पहुँचने पर म्यूचुअल फंड स्कीमों के डिविडेंड पर टैक्स वसूला जाता है। डिविडेंड पेआउट का चुनाव करने वाले निवेशकों को अब किसी वित्तीय वर्ष में प्राप्त होने वाली किसी भी डिविडेंड आय पर, खुद पर लागू उच्चतम आयकर दर के मुताबिक टैक्स देना होगा। डिविडेंड के पुनः निवेश का चुनाव करने वाले निवेशकों के टैक्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि वे अपने फोलियो में आवंटित अतिरिक्त यूनिट्स के रूप में लाभ प्राप्त करते हैं।

Special Dividend क्या होता है? कौन- कैसे उठा सकता है इसका फायदा, जानिए पूरी डिटेल

डिविडेंड मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है. अंतरिम डिविडेंड, फाइनल डिविडेंड और स्पेशल डिविडेंड. अगर आप किसी कंपनी के डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं तो रिकॉर्ड डेट के दिन वह शेयर आपके डीमैट अकाउंट में होना जरूरी है.

Special Dividend क्या होता है? कौन- कैसे उठा सकता है इसका फायदा, जानिए पूरी डिटेल

TV9 Bharatvarsh | Edited By: संजीत कुमार

Updated on: Sep 11, 2021 | 7:06 AM

अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं तो डिविडेंड या लाभांश के बारे में जरूर सुना होगा. जब कभी इसकी चर्चा होती है तो इसके साथ कई तरह के टर्म का इस्तेमाल किया जाता है. जैसे स्पेशल डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट, एक्स डिविडेंड डेट, अंतरिम डिविडेंड, फाइनल डिविडेंड. इस आर्टिकल में आपको इन तमाम टर्मों का मतलब बताएंगे जिससे आने वाले दिनों में आप इसका उचित फायदा उठा सकें.

सबसे पहले डिविडेंड डिक्लेरेशन डेट होता है. यह वह तारीख होती है जिस दिन किसी कंपनी का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर डिविडेंड की घोषणा करता है. जिस दिन कंपनी डिविडेंड की घोषणा करती है Dividend क्या होता है उसके साथ दो और डेट की घोषणा की जाती है. ये दो डेट होते हैं रिकॉर्ड डेट और पेमेंट डेट. रिकॉर्ड डेट वह डेट होती है जिस दिन कंपनी यह देखती है कि कौन-कौन इन्वेस्टर्स हैं, जिनके डीमैट अकाउंट में शेयर्स हैं.

डीमैट अकाउंट में शेयर होना जरूरी

अगर आपको डिविडेंड का लाभ चाहिए तो रिकॉर्ड डेट के दिन आपके डीमैट अकाउंट में शेयर्स होने चाहिए. उदाहरण के तौरन पर कंपनी A ने डिविडेंड की घोषणा की और 20 सितंबर उसका रिकॉर्ड डेट है. आपको डिविडेंड का लाभ तभी मिलेगा जब 20 सितंबर को वह शेयर आपके डीमैट अकाउंट में हो.

रिकॉर्ड डेट से पहले होता है एक्स डिविडेंड डेट

रिकॉर्ड डेट से एक या दो कारोबारी सत्र पूर्व एक्स डिविडेंड डेट होता है. डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को एक्स डिविडेंड डेट से पहले शेयर की खरीदारी करनी होगी ताकि वह शेयर उसके डीमैट अकाउंट में रिकॉर्ड डेट के दिन रहे. यहां इस बात को समझना जरूरी है कि इंडियन स्टॉक मार्केट में जब आप कोई शेयर Dividend क्या होता है खरीदते हैं तो T+2 में वह आपके डीमैट अकाउंट में पहुंचता है. इसलिए एक्स डिविडेंड डेट से पहले तक खरीदारी करनी होगी. एक्स डिविडेंड डेट के दिन खरीदारी करने पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा.

क्या होता है अंतरिम और फाइनल डिविडेंड?

इसके अलावा मुख्य रूप से दो- अंतरिम और फाइनल डिविडेंड होता है. किसी वित्त वर्ष के लिए जब तक बुक्स ऑफ अकाउंट क्लोज नहीं होता है, उससे पहले कंपनी जब डिविडेंड की घोषणा करती है तो उसे अंतरिम डिविडेंड कहते हैं. ये शेयर होल्डर्स की सहमति से वापस भी लिए जा सकते हैं. फाइनल डिविडेंड वह डिविडेंड होता है जब फाइनेंशियल ईयर समाप्त होने पर कंपनी एनुअल जनरल मीटिंग के समय इसकी घोषणा करता है. इस डिविडेंड को वापस नहीं लिया जा सकता है.

क्लोजिंग भाव के मुकाबले 5 फीसदी से ज्यादा हो डिविडेंड

इन दो तरह के डिविडेंड के अलावा एक स्पेशल डिविडेंड भी होता है जिसकी घोषणा कंपनी की तरफ से कभी भी की जा सकती है. जी बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जब कोई कंपनी स्टॉक प्राइस के मुकाबले 5 फीसदी से ज्यादा के डिविडेंड की घोषणा करती है तो उसे स्पेशल डिविडेंड माना जाता है. जैसे 11 सितंबर को एक शेयर का क्लोजिंग भाव 100 रुपए है और उसने 6 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है तो इसे स्पेशल डिविडेंड माना जाएगा.

डिविडेंड से कमाई का मौका! अगले हफ्ते है इन 8 शेयरों की एक्स-डिविडेंड डेट, क्या आपके पास हैं ये स्टॉक्स

10 अगस्त को 8 शेयर हो रहे हैं एक्स-डिविडेंड.

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए डिविडेंड से कमाई का एक और मौका है. अगले हफ्ते 10 अगस्त को 8 शेयर एक्स-डिविडेंड हो रहे हैं. अगर 10 अगस्त तक इनमें निवेश किया जाए तो निवेशकों को डिविडेंड का लाभ मिल सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : August 07, 2022, 07:30 IST

हाइलाइट्स

अगले हफ्ते 10 तारीख को 8 कंपनियों के शेयर हो रहे हैं एक्स-डिविडेंड.
10 अगस्त इन शेयरों में निवेश करने वालों को मिलेगा डिविडेंड का लाभ.
कई शेयर निवेशकों को दे रहे 100 फीसदी का डिविडेंड

नई दिल्ली. शेयर मार्केट में केवल शेयरों के उतार-चढ़ाव से ही नहीं बल्कि कुछ और तरीकों से भी पैसा कमाया जाता है. इसमें से एक डिविडेंड यानी लाभांश. कंपनी जब अपने शेयरधारकों को शेयर की फेस वैल्यु पर प्रति शेयर के हिसाब से एक निश्चित रिटर्न देती है तो उसे डिविडेंड कहते हैं. कई बार लोग डिविडेंड के जरिए ही शेयरों में हुए घाटे की क्षतिपूर्ति कर लेते हैं. शेयरधारक इसलिए अक्सरर डिविडेंड देने वाली अच्छी कंपनियों की तलाश में रहते हैं.

हालांकि, केवल डिविडेंड के लिए ही किसी कंपनी में निवेश नहीं करते हुए उसके बुनियादी आंकड़ों को भी देखना चाहिए. आज हम आपको ऐसे 8 शेयरों के बारे में बताएंगे जो अगले हफ्ते एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं. एक्स-डिविडेंड डेट उस तिथि को कहा जाता है जिस दिन तक शेयर खरीदने वाले को लाभांश मिलता है. अमूमन उसके अगले दिन रिकॉर्ड डेट होती है. आइए देखते हैं कौन से हैं वे 8 शेयर जो डिविडेंड से कमाई का मौका दे रहे हैं.

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Dividend क्या है | कौन है सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाले शेयर?

डिविडेंड क्या होता है | Dividend Meaning in Hindi?

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Dividend Meaning in Hindi – Dividend का Hindi Meaning होता है लाभांश यानी अपने लाभ में से थोड़ा सा अंश या टुकड़ा दे देना।

कोई भी लिस्टेड कंपनी जब अपने लाभ यानी प्रॉफिट का कुछ हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स को बांटती है तब इस हिस्से को ही डिविडेंड कहा जाता है।

आमतौर पर कंपनियां सालाना डिविडेंड देती हैं पर कुछ कंपनियां ऐसी भी है जो तिमाही और छमाही डिविडेंड्स भी देती हैं।

Dividend हमेशा प्रति शेयर और फेस वैल्यू के आधार पर ही दिया जाता है |

उदहारण के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक शेयर की फेस वैल्यू है ₹10 |

अब मार्च 2022 समाप्ति वर्ष के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 80% का इक्विटी लाभांश यानि 10 * 80/100 = 8 रुपये प्रति शेयर घोषित किया |

वैसे यह जरूरी नहीं कि dividend देनें के लिए हर तिमाही/सालाना कंपनी को लाभ ही हो, ऐसी कई कंपनियां हैं जिनके पास काफी कैश रहता है वह भी अक्सर लाभांश देती हैं |

यह कोई जरूरी नहीं कि सभी कंपनियां हर साल डिविडेंड दें ही और ऐसी बहुत सी कंपनियां है जिसनें अभी भी कोई भी डिविडेंड नहीं दिया है।

अगर कोई कंपनी साल के बीच में लाभांश दे रही है तब उसे अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) और यदि वह साल के अंत में दे रही है तब फाइनल डिविडेंड (final dividend) कहा जाता है।

जब भी कोई कंपनी प्रॉफिट करती है तब वह अपने पैसे को दो तरीके से उपयोग में ला सकती है।

  1. उसी पैसे को अपने बिजनेस में वापस लगा कर के
  2. शेयर होल्डर को डिविडेंड बांट के

आप हमें कमेंट करके बताएं कि आप इन दोनों में से किस प्रकार की कंपनी को चुनना पसंद करेंगे।

डिविडेंड यील्ड क्या होता है। What is Dividend Yield?

डिविडेंड यील्ड के बारे में आपने अधिकतर जगह देखा या पढ़ा होगा जिसे एक प्रतिशत (%) के रूप में दिखाया जाता है।

Dividend Yield का मतलब है कि एक निवेशक को अपने निवेश पर कितना प्रतिशत डिविडेंड मिलता है ।

Dividend Yield = Dividend Declared / Current Stock Price

जैसे मान लें किसी कंपनी का डिविडेंड यील्ड 3% है |

तो इसका मतलब यह है कि अगर आप इस वक्त उस कंपनी में ₹100,000 निवेश करते हैं तब आपको कंपनी द्वारा सालाना ₹3000 डिविडेंड मिलेंगे आपके बैंक अकाउंट में।

एक बार फिर से इसे एक उदाहरण से समझे।

माना एक कंपनी की स्टॉक प्राइस ₹100 है जो ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड डिक्लेअर कर रही है।

तब डिविडेंड यील्ड हो जाएगा 10 / 100 * 100 = 10% ।

उम्मीद करता हूं आपको समझ में आ गया होगा।

सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाले 10 शेयर | Top 10 Stocks in India Paying High Dividends [2022]

money

आइये जानते हैं कि पिछले 3 सालों में सबसे ज्यादा डिविडेंड देने वाले शेयर कौन कौन से हैं |

ऊपर जितने भी नाम मैंने दिए हैं उनमें निवेश करके आप फिक्स डिपाजिट से अधिक रिटर्न्स डिविडेंड के रूप में कमा सकते हैं।

अब जैसे मान लें कि आपने ₹100000 कोल इंडिया में इन्वेस्ट किए हैं तब आपको हर साल 9600 रुपए केवल डिविडेंड के मिल जाएंगे जो एफडी से अधिक है।

डिविडेंड कैसे मिलता है [Important Dividend Dates]

dividend in stock market

अगर आप पूछेंगे कि डिविडेंड कैसे मिलता है तो इसका सीधा उत्तर है लाभांश देने वाले स्टॉक्स को खरीद के |

यहाँ ध्यान दें कि किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने के लिए आप के पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए नहीं तो आप म्यूच्यूअल फण्ड के डिविडेंड आप्शन में निवेश कर सकते हैं |

ऐसा नहीं है कि आपने कभी भी किसी कंपनी के सहरे को खरीद लिया और सोचते रहे कि अब तो आपको डिविडेंड मिल ही जायेगा |

चलिए अब जानते हैं dividend लेने के लिए आपको किन जरूरी तिथियों यानि डेट्स के बारे में जानना आवश्यक है |

डिविडेंड डेक्लरेशन डेट | Dividend Declaration Date

इस दिन कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) होती है और इसी में कंपनी का बोर्ड लाभांश देने का निर्णय लेता है |

रिकॉर्ड डेट | Record Date

मैंने आपको बताया था कि ऐसा नहीं है कि डिविडेंड लेने के लिए आप स्टॉक को कभी भी खरीद लें |

यहाँ पर रिकॉर्ड डेट बहुत मायने रखती है जिसका मतलब यह है कि इस दिन कंपनी अपने रिकॉर्ड चेक करती है और उसमें जिनके नाम होते हैं उन्हें ही लाभांश देना तयं किया जाता है।

आमतौर पर देखा गया है कि लाभांश की घोषणा और रिकॉर्ड डेट के बीच कम से कम 30 दिनों का अंतर होता है।

एक्स डिविडेंड डेट | Ex-Date

यह दिन record date के दो कारोबारी दिन पहले आता है और यही सबसे जरूरी तारीख है |

यह जरूरी इसलिए है क्योंकि अगर आपको उस कंपनी का डिविडेंड चाहिए तो आपको वह स्टॉक Ex-Date के पहले खरीदना होगा ।

इसका कारण यह है कि भारत में सौदे के दो दिन बाद ही समझौता होता है जिसे हम लोग शेयर मार्किट की भाषा में T+2 सेटलमेंट कहते हैं |

डिविडेंड पे आउट डेट | Dividend Payout Date

इस दिन शेयरधारकों को डिविडेंड का पेमेंट कर दिया जाता है।

यहाँ ध्यान दें कि जब भी कोई स्टॉक एक्स डिविडेंड हो जाता है यानि जब डिविडेंड मिल जाता है तब उसकी कीमतें dividend के बराबर ही कम हो जाती हैं |

जैसे मान लें किसी शेयर का मौजूदा भाव है ₹1000 और अगर उसनें 10 रु/शेयर का लाभांश दिया है तब ex-date पर उस स्टॉक की मौजूदा कीमत हो जाएगी ₹990 |

डिविडेंड यील्ड अधिक होने का क्या मतलब है?

ऐसे देखने में तो काफी अच्छा लगेगा कि अगर किसी कंपनी का डिविडेंड यील्ड अधिक है।

पर क्या यहां इसका मतलब यह है कि आपको ऐसे ही कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहिए जिसका डिविडेंड यील्ड अधिक से अधिक हो।

यहाँ Dividend yield अधिक हो जाने के दो मतलब हो सकते हैं।

पहला यह कि कंपनी के शेयर की कीमत बहुत ज्यादा गिर चुकी है इसलिए डिविडेंड यील्ड ज्यादा लग रही है।

अच्छी से अच्छी कंपनियां एक परसेंट से ज्यादा डिविडेंड नहीं देती।

दूसरा कारण यह है कि कंपनी पैसे तो कमा रही है लेकिन व्यापार को और ज्यादा बढ़ाना कैसे हैं इसकी कोई प्लानिंग नहीं है कंपनी Dividend क्या होता है के पास।

इसलिए वह कमाए हुए पैसों को शेयर होल्डर्स में बांट रही है।

अगर आप ऐसे कंपनी में निवेश करते हैं जिसका डिविडेंड 4-5% से ज्यादा है तो 90% चांस है कि आपके निवेश किए गए पैसे पर आपको डिविडेंड तो अच्छे मिल जाएंगे लेकिन ग्रोथ कुछ ख़ास नहीं रहेगी।

इसलिए आप देखेंगे कि अधिकतर सरकारी कंपनियां अधिक लाभांश देती हैं पर उनकी शेयर प्राइस अधिक नहीं बढती है |

क्या आपको हाई डिविडेंड यील्ड वाली कंपनियों में निवेश करना चाहिए?

देखें डिविडेंड देने वाले स्टॉक्स हमेशा से इन्वेस्टर्स के फेवरेट रहे हैं क्योंकि ठीक-ठाक बढ़ते हैं और इनमें शानदार डिविडेंड्स भी मिलता है।

पर अगर आप हाई ग्रोथ चाहते हैं तब आपको ऐसी कंपनी में थोड़ा निराश होना पड़ेगा।

जैसे कोल इंडिया या पॉवर ग्रिड कैश रिच कंपनी हैं पर इनके शेयर में उतनी ग्रोथ नहीं दिखती |

अब आपको यह सोचना है कि आपको रेगुलर इनकम चाहिए या फिर अधिक ग्रोथ |

अब जब बात आती है हाई डिविडेंड यील्ड वाली कंपनियों में निवेश करने की तो मैंने कुछ कंपनी जैसे कोल इंडिया और आईओसी में निवेश किया हुआ है |

हालांकि मेरे हिसाब से आपके पोर्टफोलियो में 10-15 % हाई डिविडेंड यील्ड वाले स्टॉक भी होने चाहिए जो आपको समय-समय पर रेगुलर इनकम देते रहें।

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