व्यापारियों की राय

उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग

उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग
बढ़ती औद्योगिक मांग की वजह से भी इस संपत्ति वर्ग के लिए निवेशक और म्युचुअल फंड कंपनियां उत्साहित हैं। इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर और 5जी जैसे नए दौर के उद्योगों में चांदी की भारी मांग है। सोने और चांदी में निवेश से पोर्टफोलियो में विविधता की जरूरत भी पूरी हो जाती है।

क्रिप्टो से कमाई पर 30% टैक्स के फैसले का निवेशकों ने किया स्वागत, कहा- इसे कानून बनाकर रेगुलेट करने की जरूरत

सिल्वर ईटीएफ: निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान

सोने की तर्ज पर जब से सिल्वर (चांदी) ईटीएफ की शुरुआत भारत में हुई है, इसमें निवेश को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ी है। जो लोग निवेश के नजरिये से फिजिकल चांदी (चांदी की सिल्ली, सिक्का और गहने) खरीदते थे, वे अब पेपर फॉर्म यानी सिल्वर ईटीएफ की तरफ रुख करने लगे हैं। नवंबर 2021 में सेबी ने इस नए संपत्ति वर्ग में निवेश को हरी झंडी दी थी। तब से लेकर इस वर्ष जुलाई के अंत तक म्युचुअल फंड कंपनियों ने सिल्वर ईटीएफ के जरिये कुल 1,400 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

अब तक आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड ने सिल्वर ईटीएफ शुरू किया है। इसके अलावा इनमें से हरेक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पास सिल्वर फंड ऑफ फंड्स भी है, जो अपने-अपने ईटीएफ में निवेश करते हैं। इनके अलावा डीएसपी म्युचुअल फंड और एचडीएफसी म्युचुअल फंड के सिल्वर ईटीएफ के न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) 26 अगस्त को बंद हुए हैं। एडलवाइस का गोल्ड -सिल्वर एफओएफ (गोल्ड और सिल्वर में 50-50 के अनुपात में) फिलहाल निवेशकों के लिए खुले हैं।

शुद्ध संपत्ति मूल्य

यह जानकारी लंदन स्टॉक एक्सचेंज की समाचार सेवा आरएनएस ने दी है। यूनाइटेड किंगडम में प्राथमिक सूचना प्रदाता के रूप में कार्य करने के लिए आरएनएस को वित्तीय आचरण प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित किया गया उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग है। इस जानकारी के उपयोग और वितरण से संबंधित नियम और शर्तें लागू हो सकती हैं। आगे की जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें [ईमेल संरक्षित] या यात्रा www.rns.com.

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इंडियन बैंक म्यूचुअल फंड

इंडियन बैंक द्वारा रु. 25 लाख की राशि के साथ इंडियन बैंक म्यूच्युअल फंड (आईबीएमएफ़) का गठन एक ट्रस्ट के रूप में 1990 के दौरान किया गया था । 1990 -1994 के दौरान आईबीएमएफ की योजनाओं को ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता था । सेबी (एमएफ़) विनियम,1993 का अनुपालन करते हुए, इंडियन बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में 5 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ मेसर्स इंडफ़ंड मैनेजमेंट लिमिटेड (आईएफ़एमएल) का गठन एक आस्ति प्रबंधन कंपनी के रूप में जनवरी 1994 के दौरान किया गया । जनवरी 1994 से आईबीएमएफ़ की योजनाओं का प्रबंधन आईएफ़एमएल द्वारा किया जाता है । आईबीएमएफ़ ने 12 क्लोज़-एंडेड योजनाएँ लॉन्च की और 627.10 करोड़ रुपये जुटाएँ । परि‍पक्वता की तारीख पर 12 योजनाओं में से 9 योजनाओं को रिडीम किया गया था । तीन योजनाएँ, जैसे इंड नवरत्न, इंड शेल्टर एवं इंड टैक्स शील्ड योजना को नवंबर 2001 के दौरान टाटा म्यूच्युअल फंड में स्थानांतरित किया गया । बॉम्बे के माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित समामेलन योजना के परिणामस्वरूप आईएफ़एमएल को 07.09.2012 को इंडियन बैंक के साथ विलय कर दिया गया एवं यह ट्रस्ट (आईबीएमएफ़) इंडियन बैंक, कॉर्पोरेट कार्यालय, चेन्नै – 600014.

Nifty 50 ETF: नए निवेशक करना उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग चाहते हैं शेयर बाजार में निवेश तो चुन सकते हैं ये रास्‍ता, लंबे समय में होगा फायदा

By: ABP Live | Updated at : 09 Nov 2022 08:42 AM (IST)

Nifty 50 ETF: शेयर बाजार में निवेश करने का कोई उचित समय नहीं होता. मतलब आप शेयर बाजार की टाइमिंग नहीं कर सकते. दूसरी तरफ, भारतीय शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाई छू रहे हैं. इक्विटी लंबे समय में बाकी सभी एसेट क्‍लास (Asset Class) की तुलना में बेहतर रिटर्न भी देते हैं. अब सवाल उठता है कि शेयरों में निवेश की शुरुआत कैसे करें. अगर आप शेयरों में निवेश के मामले में नए हैं तो निवेश करने के लिए सही कंपनी चुनना आसान काम उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग नहीं है. इसके लिए आपको कंपनी की आर्थिक स्थिति, उसकी व्यावसायिक संभावनाओं, वैल्यूएशन, उद्योग की गतिशीलता, बाजार की स्थितियों आदि को समझने की जरूरत है.
यहां पर निफ्टी 50 ईटीएफ (Exchange Traded Funds) सामने आता है. ईटीएफ एक किसी खास इंडेक्‍स को ट्रैक करता है और स्‍टॉक एक्‍सचेंजों पर इसका कारोबार भी शेयरों की तरह ही किया जाता है. हालांकि, इसे म्‍यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा पेश किया जाता है. आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग के समय स्‍टॉक एक्‍सचेंजों ईटीएफ के यूनिट्स की खरीद-बिक्री कर सकते हैं. इस संबंध में, निफ्टी 50 ईटीएफ पहली बार शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए स्टार्टिंग पॉइंट हो सकता है.
ऐसे निवेशकों के लिए निफ्टी 50 ईटीएफ बहुत कम राशि में भी एक्सपोजर देगा. ईटीएफ की एक यूनिट को आप कुछ सौ रुपये में खरीद सकते हैं. उदाहरण के लिए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 ईटीएफ एनएसई पर 185 रुपये की कीमत पर ट्रेड कर रहा था. इस प्रकार आप 500-1000 रुपये तक का निवेश कर उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग सकते हैं और एक्सचेंज से निफ्टी 50 ईटीएफ के यूनिट्स खरीद सकते हैं. आप हर महीने व्यवस्थित निवेश भी कर सकते हैं. ऐसा करने से आप बाजार के सभी स्तरों पर खरीदारी करेंगे और आपके निवेश की लागत औसत होगी. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 ईटीएफ का ट्रैकिंग एरर, जो किसी अंतर्निहित इंडेक्स से फंड रिटर्न के डेविएशन का एक पैमाना है - 0.03% है, जो निफ्टी 50 ईटीएफ यूनिवर्स में सबसे कम है. सीधे शब्दों में कहें तो यह संख्या जितना कम है, उतना बेहतर.
निफ्टी 50 इंडेक्स में बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) के मामले में उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल हैं. इसलिए, निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश एक निवेशक के लिए शेयरों और सेक्टर्स में बेहतर डायवर्सिफिकेशन (Diversification) उपलब्‍ध कराता है.
डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो (diversified portfolio) किसी निवेशक के निवेश जोखिम को कम करता है. अगर आप किसी खास स्‍टॉक में निवेश करते हैं तो जोखिम अधिक होता है जबकि डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो के मामले में बाजार में आने वाला उतार-चढ़ाव सभी उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग शेयरों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं कर सकता.

क्रिप्टो करेंसी से आय पर टैक्स लगाना बड़ा मुद्दा नहीं

वहीं यशोधन वालिम्बे एक सोशल मीडिया मैनेजर हैं और कई साल से क्रिप्टो करेंसी से जुड़े हैं. वो भारतीय और विदेशी ग्राहकों को अपनी सेवा देते हैं. उन्हें लगता है कि भविष्य डिसेंट्रलाइजेशन का है. उनकी राय में क्रिप्टो करेंसी से आय पर टैक्स लगाना बड़ा मुद्दा नहीं होगा. वालिम्बे ने आगे कहा, टैक्स की उचित राशि का भुगतान करने में कोई समस्या नहीं है. हालांकि 30 प्रतिशत का टैक्स दर, जो लगभग एक तिहाई है, निश्चित रूप से वीपीएन, टीओआर और दूसरे नेटवर्क के माध्यम से अज्ञात स्रोत से लेनदेन को बढ़ावा देगा. इन स्रोत को ट्रैक करने का कोई तरीका नहीं है.

सुमित पंडित एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट और तकनीक क्षेत्र के जानकार हैं. उन्होंने टैक्स लगाए जाने के फैसले का आंशिक रूप से स्वागत किया. उन्होंने क्रिप्टो में एक अतिरिक्त निवेश विकल्प के रूप में निवेश करना शुरू किया था जो कि पहले कर मुक्त था. लेकिन, 1 फरवरी की घोषणा के बाद उन्होंने कहा, अब से निवेश की राशि के उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग साथ जोखिम का भी ध्यान रखना होगा. उन्होंने यह भी कहा, क्रिप्टो पर टैक्स एक महत्वपूर्ण और सही फैसला है. लेकिन एक छोटे निवेशक की हैसियत 30 फीसदी टैक्स देने की नहीं है. इसे जीएसटी की तरह करीब 10 से 15 प्रतिशत ही होना चाहिए था.

सरकार इसे कानूनी बनाकर मान्यता दे रही: चार्टर्ड अकाउंटेंट

वहीं विशेषज्ञ अब भी इसकी बारीकियों का अध्ययन कर रहे हैं. कुछ निवेशक क्रिप्टो को सिर्फ एक नए एसेट की तरह देख रहे हैं. आईटी कर्मचारी और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिमन्यु पंडित का कहना है कि, इस नए तरह की संपत्ति में निवेश में दिलचस्पी थी. इसने निवेश पोर्टफोलियो को बढ़ाने का विकल्प दिया है. क्रिप्टो या डिजिटल संपत्ति पर कर लगाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि, सरकार इसे कानूनी बना कर मान्यता दे रही है. उन्हें लगता है कि ये डिजिटल संपत्तियां अप्रत्याशित फायदा देती हैं. कौन होगा जो उचित एसेट के साथ ट्रेडिंग अतिरिक्त पैसा नहीं चाहता हो. दरअसल ज्यादातर लोगों ने इस फैसला का स्वागत इसलिए किया क्योंकि उन्हें लगता है कि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी को वैध करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.

उधर, सीपीसी एनालिटिक्स के पार्टनर साहिल देव को लगता है कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है. उन्होंने कहा, इस क्षेत्र को कानून बनाकर रेगुलेट करने की जरूरत है. इससे धीरे-धीरे एक अच्छा स्वरूप सामने आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से इस क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी और अनिश्चितता का दौर खत्म होगा. जिस डर से कई निवेशक क्रिप्टो या डिजिटल करेंसी में निवेश करने से बचते हैं.

भारत में क्रिप्टो करेंसी

भारत में क्रिप्टो करेंसी का बाजार पहले ही अरबों डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है. वर्तमान में, लगभग 5-6 प्रमुख ऐप हैं जो क्रिप्टो में ट्रेडिंग सर्विस देते हैं. इनमें से दो महामारी के दौरान यूनिकॉर्न बन गईं. CoinDCX अगस्त 2021 में यूनिकॉर्न बना जबकि CoinSwitch Kuber ने अक्टूबर 2021 में इस स्तर को छुआ. 1 बिलियन डॉलर या उससे ज्यादा का मूल्यांकन होने पर कंपनियां “यूनिकॉर्न” बन जाती हैं. इन ऐप के यूजर बेस और ट्रेडिंग वॉल्यूम का अध्ययन करने पर देश में क्रिप्टो करेंसी की तस्वीर साफ हो जाएगी.

कुल मिलाकर इन ऐप के लगभग 3 करोड़ सक्रिय यूजर्स हैं जो हर महीने क्रिप्टो में ट्रेडिंग करते हैं. सात्विक ने टीवी9 को बताया कि उनके ऐप Unocoin के 17 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं और वहां हर साल लाखों डॉलर का लेनदेन होता है. ये सभी निवेशक अब नए टैक्स के दायरे में आएंगे.

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