भारत में इक्विटी में व्यापार कैसे करें

दलाल प्रस्तुत

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भट्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार मे कितना भी पॉवरफूल व्यक्ति क्यो न हो उसे कानून के दायरे मे लाया जाएगा। राज्य के युवाओ के हक पर डाका डालने वालो को सलाखो के पीछे डालकर मुख्यमंत्री धामी घोटालेबाजों को साफ सन्देश दे दिया है। भाजपा सरकार इस मामले में लिप्त हर व्यक्ति को सजा दिलाएगी चाहे वो किसी भी पद पर हो। सीएम धामी व भाजपा की कथनी करनी में कोई फर्क नहीं है। इसका उदाहरण भी भाजपा सरकार प्रस्तुत कर आरोपियों को जेल में डाल दिया।
उन्होंने कहा की स्वच्छ प्रशासन का नतीजा है कि अब भ्रष्टाचारी जेल के भीतर पहुँच रहे है और इसका श्रेय पूरी तरह से भाजपा की नीतियों और सीएम की दृढ़ इच्छा शक्ति को जाता है। सीएम पहले भी ऐसे कई मामलो मे कार्यवाही कर चुके है। अवैध खनन और शराब के खिलाफ कार्यवाही की विपक्ष भी तारीफ कर रहा है। वही जनता दरवार के अलावा सीएम पोर्टल पर जन शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। सीएम आम जन के लिए उपलब्ध है और अब बिचौलियो के लिए कोई रास्ता नही है। उन्होंने कहा कि घपले घोटालो के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही मे श्रेय लेने के लिए कोई स्थान नही है, क्योकि सीएम बिना देर किये विवेक से जनता के हित मे फ़ैसले ले रहे है। उन्होंने कहा की कुछ लोग सीएम के इस अति सराहनीय प्रयास की प्रशंसा के बजाय श्रेय लेने की राजनीति मे भी लगे है और उन्हे बेहतर कार्यो मे भी राजनिति दलाल प्रस्तुत दलाल प्रस्तुत से बाज आना चाहिए।
सीएम द्वारा बेहतर कार्य करने वालो की पीठ भी थपथपाई जा रही है। इस भर्ती घोटाले में बेहतर काम करने वाले STF अधिकारी व कर्मियों को सम्मानित किया गया है। धामी सरकार भ्र्ष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अपराधी कोई भी हो कानून अपना कार्य करेगा। अपराधी की जगह केवल जेल है।

दलाल स्‍ट्रीट के मोगल राकेश झुनझुनवाला

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जानकारी के लिए कॉल करने के लिए पावर

133 आयकर अधिकारी, अपीलीय सहायक आयुक्त या निरीक्षण सहायक आयुक्त सकते हैं, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, -

(1) नाम और फर्म के भागीदारों और उनके संबंधित शेयरों के पतों की वापसी के साथ उसे प्रस्तुत करने के लिए किसी भी फर्म की आवश्यकता होती है;

(2) नाम और प्रबंधक के पते और परिवार के सदस्यों के लौटने के साथ उसे प्रस्तुत करने के लिए किसी भी हिन्दू अविभाजित परिवार की आवश्यकता होती है;

(3) वह एक न्यासी, अभिभावक या एजेंट होने का विश्वास करने का कारण है जिसे किसी भी व्यक्ति की आवश्यकता होती है, के लिए या वह न्यासी, अभिभावक या एजेंट, और उनके पतों की है जिनमें से व्यक्तियों के नामों की वापसी के साथ उसे प्रस्तुत करने के लिए;

(4) के नाम है और वह किसी भी पिछले साल किराया, ब्याज, कमीशन, रॉयल्टी या दलाली, या किसी भी वार्षिकी में भुगतान किया गया है जिसे करने के लिए सभी व्यक्तियों के पते के एक बयान प्रस्तुत करने के लिए किसी भी निर्धारिती की आवश्यकता होती है, "सिर के तहत किसी भी वार्षिकी कर योग्य नहीं किया जा रहा वेतन "एक साथ किए गए सभी तरह के भुगतान के विवरण के साथ, अधिक से अधिक चार दलाल प्रस्तुत सौ रुपए की राशि;

पूनम दलाल- शिक्षक,बैंक PO, UPSC परीक्षा टोपर- मेहनत, द्रढ़ता एवँ इच्छा शक्ति की प्रतिमा

सफलता पाने का कोई आसान मार्ग नहीं है| यह उसी को मिलती है जो लक्षय को पाने के लिए कड़ी मेहनत करता है| पूनम दलाल एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने इस बात का उदाहरण प्रस्तुत किया है की मेहनत, द्रढ़ता एवँ इच्छा शक्ति से सफलता प्राप्त होती है| पूनम दलाल आजकल गुडगांव के सतर्कता विभाग में ACP पद पर नियुक्त है| परंतु इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने के लिए उनकी सालों की लगन एवं कभी ना हार मानने वाला जज्बा है| आइए देखते हैं पूनम दलाल का संघर्षपूर्ण सफर|

  • Read in English : Poonam Dalal IPS Success Story

संघर्ष की शुरुआत

पूनम दलाल हरियाणा के झज्जर गांव के मध्यम वर्गीय परिवार से हैं| उनका जन्म दिल्ली में हुआ था और वही उनका बचपन गुजरा| 12वीं पास करने के बाद पूनम एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में पढ़ाने लगी| शिक्षक होने के साथ साथ उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बाहरी छात्र के रूप में अपना स्नातक भी पूरा किया|

स्नातक दलाल प्रस्तुत पूर्ण करने के बाद पूनम ने बैंक PO, SSC ग्रेजुएट लेवल आदि कई परीक्षाएं दी | पूनम इन सभी परीक्षाओं में सफल रही परंतु उन्होंने SBI PO की नौकरी स्वीकार की| उन्हें बहुत अफसोस है इस बात का की उनका मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं था और उन्हें UPSC परीक्षा देने के लिए 2015 तक इंतजार करना पड़ा|

3 साल SBI में काम करने के बाद पूनम ने 2006 में SSC ग्रेजुएट लेवल परीक्षा दी और देशभर में सातवीं रैंक हासिल की| इसके बाद उन्होंने आयकर विभाग मैं नौकरी प्रारंभ करी| इस सफलता के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया और उनके मन में यूपीएससी परीक्षा देने की इच्छा प्रकट हुई|

भाग्य का खेल

किसी ने कहा है “भाग्य भी बहादुर का ही दलाल प्रस्तुत साथ देता है|” 2015 में भारतीय सरकार ने 2011 में परीक्षा का तरीका बदलने की वजह से असफल हुए सभी छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अफसर प्रदान किया था| इसी कारण पूनम को भी UPSC परीक्षा देने का एक आखरी मौका और मिल गया|

यह अवसर भी पूनम के लिए चुनौतीपूर्ण ही रहा| वे पहले से ही DSP के पद पर थी जहां उन्हें 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती थी| जब वे UPSC के प्रारंभिक दौर की परीक्षा देने गई तब वह 9 महीने गर्भवती थी| और जब UPSC मुख्य परीक्षा देने गई तब उनकी संतान सिर्फ 3 महीने की थी| इन परिस्थितियों के बावजूद पूनम ने UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करी| उन्हें 897 मार्क्स के साथ देशभर में 308 वा स्थान प्राप्त हुआ|

आजमगढ़ में सीआइबी के हत्थे चढ़ा टिकट दलाल

जागरण संवाददाता, वाराणसी : एनई रेलवे वाराणसी मंडल की सीआइबी ने रेल टिकट की कालाबाजारी में लिप्त साड़ी विक्रेता को आजमगढ़ के मंदूरी बाजार से गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान मौके से ‘कोविड’ नामक एक अवैध साफ्टवेयर भी बरामद हुआ है। इसे लैपटाप और प्रिंटर के साथ जब्त कर लिया गया। वहीं, 31 हजार रुपये 16 ई-टिकट व 40 लोगों के पहचान पत्र भी मिले हैं।

बनारस शहर और आसपास की कई खबरों ने शनिवार यानी 26 नवंबर को चर्चा बटोरी।

एनई रेलवे वाराणसी मंडल में आरपीएफ के सीआइबी विंग प्रभारी अभय कुमार राय ने बताया कि आजमगढ़ में टिकटों के कालाबाजारी की सूचना लंबे समय से मिल रही थी। सटीक सूचना पर टीम ने मंदूरी बाजार स्थित सुभांगी साड़ी घर नामक दुकान पर दबिश दी गई। कंधरापुर के सियर हरिरामपुर निवासी संचालक रामकेश पाल से कड़ी पूछताछ में सारा भेद खुल गया। आरोपित ने बताया कि इसके पहले शार्प नामक साफ्टवेयर से भी तत्काल टिकट बुक करता था। कंफर्म टिकट की दलाल प्रस्तुत एवज में यात्रियों से चार से पांच सौ रुपये अतिरिक्त वसूले जाते हैं। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया। टीम में एएसआई ब्रज भूषण राय, हेड कांस्टेबल विनोद सिंह, कमलेश पांडेय, राजकुमार व कांस्टेबल अमरनाथ, सुनील सोनकर, ऋतुराज आदि रहे।

धामी सरकार घोटाले और दलाल संस्कृति का देवभूमि से करेगी उन्मूलन, पेपर दलाल प्रस्तुत लीक प्रकरण में शीघ्र ही मगरमच्छ भी नपेंगे : महेन्द्र भट्ट

भाजपा की धामी सरकार घोटाले और दलाल संस्कृति का देवभूमि से करेगी सफ़ाया: महेन्द्र भट्ट

देहरादून १७ अगस्त , भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड में भ्र्ष्टाचार, घोटाला व दलाल संस्कृति का प्रदेश से सफ़ाये के लिए प्रतिबद्ध है।
भट्ट ने कहा कि प्रदेश के युवा व जुझारू ईमानदार मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लगातार भ्र्ष्टाचार पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों की शिकायत का संज्ञान लेकर सीएम ने बिना देर किये कार्यवाही के निर्देश दिये और नतीजा सबके सामने है। जांच एजेंसी बिना दबाव के कार्य कर रही है और अब तक हुई कार्यवाही से यह साबित भी हो चुका है। भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र मे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और पारदर्शी दलाल प्रस्तुत शासन की बात कही थी और इसी के तहत लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विकास और सेवा कार्यो को आगे बढ़ा रहे है।
( UKSSSC पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल टास्क फोर्स ने उत्तरकाशी जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह को भेजा जेल। बताया जाता है पद के हिसाब से दस से लेकर तीस लाख लाख तक होता था पेपर से लेकर ज्वाईनिंग तक का सौदा )

लंबी अवधि के लिए निवेश करें

राकेश झुनझुनवाला लंबी अवधि के निवेश के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। शेयर दलाल प्रस्तुत दलाल प्रस्तुत बाजार के सलाहकार के रुप में, वे कहते हैं कि निवेश को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। झुनझुनवाला के अनुसार, इक्विटी मार्केट का स्टॉक कितना भी अच्छा क्यों न हो, अगर आप उसे लंबे समय तक नहीं रखते हैं, तो यह लाभदायक नहीं होगा।

राकेश झुनझुनवाला इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में भरोसा करते हैं। उनके मुताबिक, यह एक अच्छा निवेश है। राकेश झुनझुनवाला के अनुसार, 7 साल की अवधि में, यह औसतन 13% से 14% रिटर्न देगा।

भावुक होकर निवेश न करें

राकेश झुनझुनवाला के अनुसार, नुकसान का एक निश्चित रास्‍ता भावनात्‍मक होकर निवेश करना है। एक उदाहरण मंदी के समय पर उस समय में घबराकर खरीदारी करना हो सकता है। दूसरा उस समय पर अत्‍यधिक खरीदारी करना हो सकता है, जब मार्केट को 'अच्‍छा' बताया जाता है

राकेश झुनझुनवाला के महत्वपूर्ण सुझावों में से एक रिसर्च करना है। चाहे आप स्‍टॉक में निवेश करते हैं या म्‍यूचुअल फंड्स में, राकेश झुनझुनवाला मानते हैं कि रिसर्च करना बेहद जरूरी है। उनकी स्टॉक संबंधी सलाह है कि मार्केट को जुए के रूप में नहीं मानना चाहिए।

ऐतिहासिक डाटा पर बहुत अधिक निर्भर होने से बचें

भले ही यह भारत की कंपनी हो या विदेशी, श्री झुनझुनवाला कहते हैं कि कभी भी केवल उसके ऐतिहासिक डेटा पर भरोसा न करें। निवेश का एक अच्छा निर्णय लेने के लिए, राकेश झुनझुनवाला कहते हैं कि मार्केट को पूरी तरह से और विस्तार से समझें।

झुनझुनवाला के स्‍टॉक के सुझावों को उचित तरीके से समझने के लिए, हमने उनके शीर्ष 10 पोर्टफोलियो की सूची दी है। इससे आपको उनकी स्टॉक संबंधी सलाह का अधिकतम लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

राकेश झुनझुनवाला की कुल संपत्ति

राकेश झुनझुनवाला की कुल संपत्ति 29,644 करोड़ रुपये है।

निष्कर्ष

राकेश झुनझुनवाला निवेश की दुनिया में एक आइकॉन हैं। उनकी सलाह बहुमूल्य है क्योंकि वास्तविक दुनिया में उनकी रणनीति समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं। उनकी स्टॉक सलाह का पालन करके, आप अपने निवेश से रिटर्न को बढ़ा सकते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य वित्तीय उद्देश्यों के लिए है। इसे आपको किसी भी कानूनी या कर निर्धारण या निवेश या इंश्‍योरेंस संबंधी सलाह के रूप में नहीं लेना चाहिए। वित्तीय निर्णय लेते समय आपको अलग से स्वतंत्र सलाह लेनी चाहिए।

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