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क्रिप्टो बैन

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Cryptocurrency: आरबीआइ चाहता है क्रिप्टो पर बैन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- कानून लागू करने के लिए वैश्विक समर्थन जरूरी

Cryptocurrency रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रिप्टो की वजह से अर्थव्यवस्था पर होने वाले नकारात्मक प्रभावों की आशंका से चलते सरकार से इसे बैन करने की मांग की है। लेकिन चूंकि यह एक डिजिटल करेंसी है ऐसे में इसके लिए यह इतना आसान नहीं होगा।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकार से सिफारिश की है कि उसे क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के लिए सख्त नियम बनाने चाहिए और उन्हें प्रतिबंधित कर देना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना ​​है कि किसी भी प्रभावी नियमन या प्रतिबंध के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।

वित्त मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि आरबीआइ ने मौद्रिक और राजकोषीय स्थिरता पर क्रिप्टोकरेंसी के अस्थिर प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है। आरबीआइ ने इस पर कानून बनाने की सिफारिश की है। आरबीआइ का विचार है कि क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि क्रिप्टोकरेंसी की कोई सीमा नहीं है। इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रकृति को देखते हुए कोई भी कानून बनाने से पहले अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो के खिलाफ कानून बनाने या उस पर प्रतिबंध लगाने का आदेश अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बाद ही प्रभावी हो सकता है।

India is differently placed, at low risk of recession: RBI Guv

सीतारमण की टिप्पणी उन अटकलों के बीच आई है कि सरकार आज से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में क्रिप्टो क्षेत्र को विनियमित करने के लिए कानून पेश कर सकती है। हालांकि ऐसा कोई बिल पेश करने के लिए उसे सूचीबद्ध नहीं किया गया है। बिल से पहले सबकी निगाहें क्रिप्टो के लिए तैयार किए जा रहे सरकारी ड्राफ्ट पर टिकी है। माना जा रहा है कि आगे चलकर क्रिप्टो बैन यही क्रिप्टो पर सरकार का रुख तय करेगा। सरकार ने मई के अंत में कहा था कि यह ड्राफ्ट लगभग तैयार है। हालांकि अभी भी इसका इंतजार किया जा रहा है। सरकार ने अब तक क्रिप्टो पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यहां तक ​​​​कि उनके वर्गीकरण पर भी भ्रम है। बात दें कि हाल के दिनों में सरकार ने क्रिप्टो के उपयोग से उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए संयुक्त वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया है।

भारत में शिकंजे की खबरों के बीच भरभरा कर गिरे BitCoin के भाव, जानिए आप पर क्या होगा क्रिप्टो बैन का असर?

देश में लगभग 9-10 करोड़ लोगों का क्रिप्टो करेंसी में निवेश है। अभी तक लोगों ने करीब 70 हजार करोड़ रुपये डिजिटल करेंसी के रूप में इन्वेस्टमेंट किया है।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: November 24, 2021 10:44 IST

भारत में शिकंजे की. - India TV Hindi News

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भारत में शिकंजे की खबरों के बीच भरभरा कर गिरे BitCoin के भाव, जानिए आप पर क्या होगा क्रिप्टो बैन का असर?

Highlights

  • बिटकॉइन सहित दूसरी क्रिप्टो करेंसी में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है
  • क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाने के मामले में भारत दुनिया का नंबर 1 देश है
  • दुनिया में इसका इस्तेमाल करने वाले 30 करोड़ से ज्यादा लोग हैं

अगर आप भी देश के उन लाखों लोगों में हैं जो क्रिप्टो में पैसा लगा चुके हैं या पैसा लगाने की तैयारी में हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सिर्फ इसी खबर के चलते कल से क्रिप्टो करेंसी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बिटकॉइन सहित दूसरी क्रिप्टो करेंसी में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। एक आंकड़े के मुताबिक, क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाने के मामले में भारत दुनिया का नंबर 1 देश है। अमेरिका दूसरे नंबर पर है वहां लगभग 3 करोड़ इन्वेस्टर है

बता दें कि 29 नवंबर से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र में सरकार, क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट करने वाला विधेयक संसद में पेश करेगी। 'द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021' के नाम से लाए जा रहे विधेयक में सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है। इस बिल के कानून बनने से सभी निवेशक प्रभावित हो सकते है।

आरबीआई लाएगा अपनी क्रिप्टो करेंसी

क्रिप्टो करेंसी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए सरकार कुछ ढील भी दे सकती है। किस क्रिप्टोकरेंसी को राहत मिलेगी। ये अभी क्रिप्टो बैन साफ नहीं है। वहीं बिल की मदद से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को अपनी आधिकारिक डिजिटल करेंसी जारी करने के लिए सुविधाजनक फ्रेमवर्क मिलेगा।

धराशायी हुए क्रिप्टो बाजार

क्रिप्टो करेंसी बैन के लिए संसद में विधेयक पेश करने की खबर के बाद क्रिप्टो बाजार धरशायी हो गया। बीती रात 11 बजे के करीब सभी प्रमुख क्रिप्टो करेंसी में लगभग 15 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट देखी गई। बिटकॉइन में 17 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज की गई। वहीं, इथीरियम में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। टेदर में लगभग 18 प्रतिशत और कारडानी में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

किस क्रिप्टो बैन क्रिप्टो करेंसी में कितनी गिरावट?

  • बिटकॉइन 17%
  • इथीरियम 15%
  • टेदर 16%
  • कारडानो 17%

आम निवेशकों पर होगा क्या असर

अब सवाल है कि क्रिप्टो करेंसी पर अगर बैन लगती है तो इसका क्या असर होगा। इसे आपको आसान भाषा में समझाते हैं। देश में लगभग 9-10 करोड़ लोगों का क्रिप्टो करेंसी में निवेश है। अभी तक लोगों ने करीब 70 हजार करोड़ रुपये डिजिटल करेंसी के रूप में इन्वेस्टमेंट किया है। देश में बैन के बाद दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी के दाम गिरेंगे। भारत में जो निवेशक हैं उन्हें हर हाल में अपना क्रिप्टो बेचकर निकलना होगा। तकरीबन 10 करोड़ निवेशकों को सिर्फ और सिर्फ बेचना होगा, वे खरीद नहीं सकते। ऐसे में जब सभी को बेचना ही है तो फिर खरीदेगा कौन? - इस हालात में जिन लोगों ने अपना पैसा लगाया है उन्हें नुकसान सहकर भी अपना क्रिप्टो बेचना होगा।

पीएम मोदी ने भी किया आगाह

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को बताया भी था कि जिस तरह से क्रिप्टो करेंसी में लोग पैसा लगा रहे हैं, वो खतरनाक हो सकता है।

आखिर ये क्रिप्टो करेंसी होता क्या है?

क्रिप्टो करेंसी एक तरह की वर्चुअल करेंसी है। आसान भाषा में कहे तो ये कि इसे नोट या सिक्के की तरह हाथ में नहीं ले सकते। इसका कोई फिजिकल एग्जीस्टेंस नहीं होता है। ये डिजिटल एसेट्स होते हैं। क्रिप्टोग्राफी से इन्हें सेक्योर किया जाता है। इसमें लेन-देन पर कोई नियंत्रण नहीं होता है। हर एक क्रिप्टोकरेंसी, यूनिक प्रोग्राम कोड से बनाई जाती है जिससे कि एक ही क्रिप्टोकरेंसी की कॉपी बना लेना या धोखाधड़ी कर पाना तकरीबन नामुमकिन है। ये दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी करेंसी है।

ये काम कैसे करता है.

क्रिप्टोकरेंसी को कोई भी सेंट्रल अथॉरिटी यानी कि सरकार या फिर रिजर्व बैंक रेगुलेट नहीं करता है। ये पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड है और इंटरनेट पर ही इसका क्रिएशन, इंवेस्टमेंट और ट्रांजेक्शन होता है। भारत के लिहाज से बात करें तो सरकार या आरबीआई को नहीं पता कि ये कैसे बनाए जा रहे हैं। इसकी वैल्यू कैसे घट और बढ़ रही है या फिर इसका एक्सचेंज कैसे हो रहा है। दरअसल, इसका अपना एक पूरा इंटरनेट नेटवर्क है। जहां पर हर एक ट्रांजेक्शन की जानकारी सेव होती रहती है। इसे कोई सिंगल पर्सन या फिर कोई संस्था मॉनिटर नहीं कर रही होती। एक ही समय पर कई जगह इस पर काम होता रहता है।

जिस बिल का नाम सुनते ही क्रिप्टो धड़ाम,उसमें क्या है?बैन के पक्ष-विपक्ष में तर्क

Cryptocurrency: बिल के तहत ऐसे प्रावधान लाए जाएंगे जिससे प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी बैन हो जाएंगी.

जिस बिल का नाम सुनते ही क्रिप्टो धड़ाम,उसमें क्या है?बैन के पक्ष-विपक्ष में तर्क

Cryptocurrency Bill In India: क्रिप्टो करेंसी पर लंबे समय से भारत सरकार और आरबीआई (RBI) की चिंताओं के बीच आखिरकार सरकार ने इस पर बिल लाने की घोषणा कर दी है. केंद्र सरकार 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कई बिल पेश करने वाली है जिसमें से एक क्रिप्टोकरेंसी पर भी विधेयक पेश हो सकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिप्टो पर समीक्षा बैठक भी बुलाई थी. पीटीआई के मुताबिक बैठक में क्रिप्टो के फायदे-नुकसान और रेगुलेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई है.

इन खबरों के बाद मार्केट को तो जोरदार झटका पहुंचा ही है लेकिन क्रिप्टो के बाजार में पैसा लगाने वाले भी अब परेशानी में आ गए हैं. इस मसले से जुड़े सभी बड़े सवालों के जवाब हम आपको यहां देने की कोशिश कर रहे हैं.

किस उद्देश्य से लाया जा रहा है क्रिप्टोकरेंसी बिल?

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारत में अब तक कोई नियम-कानून नहीं है. इसलिए सरकार इस पर एक विधेयक लाने की तैयारी में है. जिसका नाम होगा- क्रिप्टोकरेंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफिशिय डिजिटल करेंसी बिल, 2021 (The Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021). इसके तहत रिजिर्व बैंक ऑफ इंडिया एक आधाकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक आसान फ्रेमवर्क तैयार करेगी.

इस बिल के तहत ऐसे प्रावधान लाए जाएंगे जिससे सारी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी बैन हो जाएंगी. हालांकि, इसकी टेक्नोलॉजी और इस्तेमाल को लेकर कुछ अपवाद जरूर रखे जाएंगे.

सरकार की घोषणा के बाद भारत में क्रिप्टो मार्केट का क्या हाल है?

जैसे ही सरकार की तरफ से क्रिप्टो बिल को लेकर घोषणा हुई भारत में क्रिप्टो मार्केट धड़ाम से गिरा. लगभग हर बड़े क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई. WazirX के डेटा के मुताबिक, रुपये के संदर्भ में देखे तो बिटकॉइन में 17 फीसदी की गिरावट आई, इथेरियम में 14 फीसदी, डॉजकोइन में 20 फीसदी से अधिक और पोलकाडॉट में 14 फीसदी की गिरावट आई और डॉलर-पेग्ड टोकन टीथर भी लगभग 17 प्रतिशत नीचे रहा.

सरकार के क्रिप्टो पर विधेयक लाने की घोषणा के बाद बाजार गिरा

विदेशों में क्रिप्टोकरेंसी की क्या स्थिति है?

क्रिप्टो करेंसी को कई देशों में मान्यता दी गई है तो वहीं अधिकतर देश इस करेंसी क्रिप्टो बैन की खिलाफ हैं. हाल ही में चीन ने क्रिप्टो करेंसी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है. इसके अलावा नाइजीरिया, टर्की, बोलिविया, एक्वाडोर, कतर, बांग्लादेश, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, वियतनाम में भी इस करेंसी पर पाबंदी लगी है.

वहीं अधिकतर देश अभी भी असमंजस की स्थिति में है कि इस करेंसी पर बैन लगना चाहिए या इसे वैध बना देना चाहिए. मध्य अमेरिका का अल सल्वाडोर दुनिया का पहला ऐसा देश है जहां क्रिप्टो करेंसी वैध है. रूस में क्रिप्टो करेंसी में निवेश तो कर सकते हैं लेकिन कुछ सामान खरीदने के लिए उसके इस्तेमाल पर पाबंदी है.

अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और यूरोप के कुछ देशों में इसे पूरी तरह मान्यता तो नहीं दी गई है लेकिन यहां इस पर कोई पाबंदी भी नहीं है.

क्रिप्टो करेंसी में कितने भारतीय कर चुके हैं निवेश?

क्रिप्टो करेंसी बहुत ही ज्यादा परिवर्तनशील (वोलेटाइल) करेंसी है. ब्रोकर डिस्कवरी और Brokerchooser के मुताबिक भारत में बिटकॉइन ओनर की संख्या 10.07 करोड़ है. इसके अलावा अमेरिका में 2.74 करोड़, रूस (1.74 करोड़) और नाइजीरिया में बैन के बावजूद (1.30 करोड़) लोगों के पास क्रिप्टो करेंसी है.

भारत में क्रिप्टो बैन के खिलाफ और पक्ष में क्या तर्क?

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार क्रिप्टो बैन सरकार प्राइवेट क्रिप्टो (e.g: Zcash, Monero, etc) को बैन करने की तैयारी में है. वहीं बिटकॉइन, इथीरियम पब्लिक क्रिप्टो में शामिल है. अब तक बिल पेश नहीं हुआ है इसलिए प्राइवेट और पब्लिक क्रिप्टो की बहस से बचना चाहिए.

न्यूज 18 से बातचीत में cashaa के संस्थापक और सीईओ कुमार गौरव ने कहा, "क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं होगा क्योंकि दुनिया इस दिशा में आगे बढ़ रही है. एक देश के रूप में अगर हम इसे नजरअंदाज करते हैं तो हम पीछे रह जाएंगे. हमें इसे उचित नियमों के साथ अपनाना चाहिए."

WazirX के फाउंडर और सीईओ ने कहा कि "सरकार का रुख पहले जैसा ही लगता है. हमें बिल में दी गई बातों को पढ़ना चाहिए. बिटकॉइन एक पब्लिक ब्लॉकचेन पर एक पब्लिक क्रिप्टो करेंसी है."

इंडिया टुडे से बातचीत में क्रिप्टो एजुकेशन प्लेटफॉर्म Bitnning के फाउंडर काशिफ रजा ने बताया कि सरकार का प्रस्ताव जो अब आज हमारे पास है वही पिछली बार भी सरकार द्वारा पेश किए गए बिल के समान है.''

केवल एक चीज जो क्रिप्टो निवेशकों को डरा रही है, वह है क्लॉज निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के बारे में. मूल रूप से अगर हम इसके द्वारा जाते हैं, तो केवल सरकार द्वारा समर्थित करेंसी को ही अनुमति दी जाएगी, बाकी को नहीं. लेकिन यह अंतिम नहीं है. हमें सावधानी बरतने की जरूरत है और पूरे बिल के आने का इंतजार करना चाहिए".

Unocoin के फाउंडर और सीईओ सात्विक विश्वनाथ का मानना है-"प्राइवेट क्रिप्टो की परिभाषा कहीं भी उपलब्ध नहीं है, चाहे हम इसे पढ़ने का प्रयास करें. साथ ही सरकार की ओर से आज जो कुछ बातें हमारे पास हैं, उनके बारे में भी यह वही है जो उन्होंने पहले पेश किया था. लगता है कुछ भी नहीं बदला है. हमें इससे संभलकर चलना होगा. यह एक बहुत ही मनमाना शीर्षक है जो पिछली बार था, अब भी वही है. आज जो तीन, चार बातें निकली हैं, उन पर नजर डालें तो ऐसा लग सकता है कि कोई नया बिल नहीं है, यह पुराने जैसा ही है. फिलहाल, हम अभी इसका कोई मतलब नहीं निकाल सकते हैं. लेकिन हां, निवेशक निश्चित रूप से आशंकित हैं."

Cryptocurrency Bill : क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल और क्रिप्टो पर कैसे काबू पाएगी सरकार? जानें सबकुछ

Cryptocurrency Bill Latest News : मोदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वो भारत में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर देगी और वह खुद की एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी लाएगी. यह क्रिप्टोकरेंसी बिल संसद क्रिप्टो बैन के इसी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा, जोकि 29 नवंबर यानी अगले सोमवार से शुरू हो रहा है.

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Cryptocurrency Bill : क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल और क्रिप्टो पर कैसे काबू पाएगी सरकार? जानें सबकुछ

Cryptocurrency Bill News : भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर काबू पाने की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है. भारत सरकार ने मंगलवार को क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill) लाने की घोषणा कर दी. सरकार की ओर से इस पर घोषणा आने के बाद ही भारत में क्रिप्टो बाजार धड़ाम हो गया. लगभग हर बड़े क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वो भारत में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर देगी और वह खुद की एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी लाएगी. यह क्रिप्टोकरेंसी बिल संसद के इसी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा, जोकि 29 नवंबर यानी अगले सोमवार से शुरू हो रहा है.

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बता दें कि कल इस खबर के आने के बाद रात 11:45 बजे सभी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही थी. Bitcoin जहां 17 फीसदी तक गिर गया था, वहीं Ethereum में 15 फीसदी की गिरावट देखी जा रही थी. मार्केट कैप के लिहाज से तीसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो तो Tether तो 18 फीसदी तक गिर गया था.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल और क्या है इसका उद्देश्य?

सरकार क्रिप्टोकरेंसी के नियमन के लिए जो बिल ला रही है उसका नाम है- क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021). इस बिल के जरिए सरकार सेंट्रल बैंक रिजर्व बैंक इंडिया के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है. इस बिल के तहत ये प्रावधान लाया जाएगा, जिससे सारी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी बैन हो जाएंगी. हालांकि, इसकी टेक्नोलॉजी और इस्तेमाल को प्रमोट करने के लिए कुछ अपवाद रखे जाएंगे.

इस शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार 26 बिल पेश कर सकती है. इसके लिए 26 बिल लिस्ट किए गए हैं.. इसी दौरान भारत में क्रिप्टोकरेंसी का नियमन सुनिश्चित करने वाला यह क्रिप्टो बिल भी पेश किया जाएगा.

पिछले हफ्ते हुई थी बैठकें

बता दें कि बिल लाने के फैसले पर सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा तब आई है, जब अभी पिछले हफ्ते ही इस संबंध में पहली बार संसदीय समिति की एक बैठक हुई क्रिप्टो बैन थी. 16 नवंबर को वित्त मामलों में गठित संसद की स्थायी समिति (Standing Committee on Finance) की क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्लॉकचेन. क्रिप्टो एसेट काउंसिल, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ क्रिप्टोकरेंसी के नियमन और प्रोत्साहन से जुड़े पहलू पर विचार किया था और इस मीटिंग में यह आम राय निकल सामने आई थी कि क्रिप्टोकरेंसी को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके नियमन की जरूरत है.

पीएम मोदी ने भी इसके पहले कई मंत्रालयों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी. वहीं, पिछले गुरुवार को सिडनी संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में क्रिप्टो को लेकर सरकार के इरादे साफ जाहिर कर दिए थे. उन्होंने कहा था कि 'क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन का उदाहरण ले लीजिए. यह बहुत जरूरी है कि सभी लोकतांत्रिक देश इसपर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि क्रिप्टो बैन यह गलत हाथों में न पड़े, क्योंकि इससे हमारे युवा पर गलत असर पड़ेगा.'

RBI और SEBI की भी टेढ़ी निगाहें

वहीं, RBI तो कई बार इस बाजार को लेकर चिंता जाहिर कर चुकी है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी पिछले हफ्ते कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े गहरे मुद्दों पर गहन विमर्श की जरूरत है. दास ने कहा, ‘आंतरिक विमर्श के बाद आरबीआई की यह राय है कि वृहत आर्थिक और वित्तीय स्थिरता पर गंभीर चिंताएं हैं और इनके बारे में गहन चर्चा करने की जरूरत है.' उन्होंने चलन में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी की मात्रा पर संदेह जताते हुए कहा कि निवेशकों को इसके जरिये लुभाने की कोशिश की जा रही है. क्रिप्टो खाते खोलने के लिए ऋण भी दिए जा रहे हैं.

वहीं बाजार नियामक संस्था Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने भी रिटेल निवेशकों को ध्यान में रखते हुए भारत में अनियमित क्रिप्टोकरेंसी बाजार के तेज ग्रोथ को लेकर चिंताएं जताई थीं.

Video : कॉफी एंड क्रिप्टो - भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हलचल तेज, मिल सकता है ऐसेट क्लास का दर्जा

हैकर्स ने चुराए 824 करोड़ के Binance Coin, रूस में क्रिप्टो पेमेंट्स पर EU ने लगाया बैन

हैकर्स ने चुराए 824 करोड़ के Binance Coin, रूस में क्रिप्टो पेमेंट्स पर EU ने लगाया बैन

हैकर्स ने ब्लॉकचेन और Binance को जोड़ने वाले ब्रिज पर सेंध लगाई और 10 करोड़ डॉलर (823.57 करोड़ रुपये) के बिनांसे कॉइन (Binance Coin) को चुरा लिया. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज बिनांसे के को-फाउंडर चैंगपेंग सीजेड झाओ ने इस हैक की जानकारी ट्वीट कर दी है.

बिनांसे की ब्लॉकचेन बीएनबी चेन के प्रवक्ता के मुताबिक इस हैकिंग में 10 करोड़ डॉलर से 11 करोड़ डॉलर का डिजिटल टोकन शामिल है. हालांकि प्रवक्ता ने आगे कहा कि जितनी क्रिप्टोकॉइन चोरी हुई हैं, उसमें से कम से कम 70 लाख डॉलर को फ्रीज कर दिया गया है. इसके अलावा ब्लॉकचेन और क्रिप्टो एक्सचेंज के बीच के ब्रिज BSC Token Hub को बंद कर दिया गया है.

यह वर्ष 2022 क्रिप्टो मार्केट के लिए बहुत बुरा साबित हो रहा है. इस साल अब तक हैकिंग के चलते करीब 200 करोड़ डॉलर (16471.40 करोड़ रुपये) मूल्य के क्रिप्टो गुम हो गए. इसमें से अधिकतर घटनाओं के पीछे उत्तर कोरिया के कुछ लोगों का हाथ था. हैकर्स के निशाने पर सबसे अधिक एक ब्लॉकचेन से दूसरे ब्लॉकचेन पर टोकन ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल होने वाला क्रॉस-चेन ब्रिज रहता है.

यूरोपियन यूनियन ने रूस में क्रिप्टो पेमेंट्स पर लगाया बैन

पिछले कई महीनों से चल रहे रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण बहुत से देशों पर असर पड़ रहा है. यूक्रेन पर हमला करने के कारण रूस पर बहुत से देशों ने प्रतिबंध भी लगाए हैं. यूरोपियन यूनियन (EU) ने भी इसी कड़ी में रूस से जुड़ी सभी क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शंस पर पूरी तरह बैन लगा दिया है.

EU की ओर से की गई एक पोस्ट में बताया गया है, "क्रिप्टो एसेट्स पर मौजूदा बंदिशों को कड़ा किया गया है और रूस से जुड़े सभी क्रिप्टो वॉलेट्स, एकाउंट्स और कस्टडी सर्विसेज पर बैन लगाया गया है. इसके लिए रकम की कोई लिमिट नहीं होगी."

EU के रेगुलेटर्स का कहना है कि रूस के खिलाफ इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस की सेना और इंडस्ट्री को महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की सप्लाई रोकना है. हाल ही में रूस की सरकार ने विदेश में पेमेंट्स के लिए वर्चुअल डिजिटल एसेट्स का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी. पिछले महीने रूस के डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर Alexei Moiseev ने कहा था कि सेंट्रल बैंक ने देश के लोगों को क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल कर विदेश से पेमेंट्स लेने और भेजने की अनुमति पर सहमति दी है.

मार्केट कैप के हिसाब से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की बात करें तो यह 20 हजार डॉलर के नीचे फिसल गया है. पिछले 24 घंटे में 0.96 फीसदी क्रिप्टो बैन की गिरावट के साथ बिटकॉइन 19,988.74 डॉलर (16.45 लाख रुपये) के भाव पर मिल रहा है.

पूरे क्रिप्टो मार्केट की बात करें तो पिछले 24 घंटे में वैश्विक मार्केट कैप में 0.72% की गिरावट आई है और अब यह 95.86 हजार करोड़ डॉलर (78.90 लाख करोड़ रुपये) पर फिसल गया है.

अब क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने पर मिलेगा फिक्स ब्याज, 14 फीसदी रिटर्न

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