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शुरुआती के लिए आदर्श सुझाव

शुरुआती के लिए आदर्श सुझाव
नोट- आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएम किसान योजना से संबंधित लगभग सारी जानकारी देंगे साथ ही हम आपके इस सवाल का भी जवाब दे देंगे कि पीएम किसान योजना 13वीं किस्त कब तक मिलेगी

हर युवा के लिए आदर्श हैं स्वामी विवेकानंद

भारतीय युवाओं को अगर किसी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वो हैं स्वामी विवेकानंद। वह हर युवा के लिए आदर्श हैं। स्वामी विवेकानंद के जीवन के एक भी आदर्श को हम अपने जीवन में अगर उतार पाएं तो शायद ही.

हर युवा के लिए आदर्श हैं स्वामी विवेकानंद

भारतीय युवाओं को अगर किसी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वो हैं स्वामी विवेकानंद। वह हर युवा के लिए आदर्श हैं। स्वामी विवेकानंद के जीवन के एक भी आदर्श को हम अपने जीवन में अगर उतार पाएं तो शायद ही हमें कभी हार का सामना करना पड़े। उनके जीवन से जुड़े अनेक प्रसंग हैं जो आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। उनकी शिक्षाएं हमारा जीवन बदल सकती हैं।

एक बार एक विदेशी महिला ने स्वामी विवेकानंद से विवाह करने का निवेदन किया। स्वामी जी ने कहा मैं संन्यासी हूं और आगे भी संन्यासी जीवन ही व्यतीत करूंगा। इस पर महिला ने कहा कि मैं आपके जैसा सुशील, तेजस्वी और गौरवशाली पुत्र चाहती हूं। इस पर स्वामी जी ने कहा कि क्यों न मैं आज और अभी से ही आपका पुत्र बन जाऊं और आप मेरी मां। आपको मेरे स्वरूप में मेरे जैसा पुत्र मिल जाएगा और मुझे मां। यह सुनकर महिला गदगद हो गई और बोली आप तो साक्षात ईश्वर हो, क्योंकि ऐसा सुझाव तो सिर्फ़ ईश्वर ही दे सकता है। स्वामी जी कहा करते थे कि कैसी भी समस्या सामने आए उसका डटकर सामना करो। ऐसा करने पर बहुत सी समस्याओं का समाधान हम अपने स्तर पर ही कर सकते हैं। स्वामी विवेकानंद का व्यक्तिगत जीवन साधारण था, लेकिन जब वे किसी विषय पर गंभीरता से बात करते थे या फिर भाषण देते थे, तो लोग उनकी ओर आकर्षित हो जाया करते थे। बचपन में उन्हें नरेंद्र कहकर बुलाया जाता था। स्कूल के दिनों में एक रोज वह अपनी कक्षा के छात्रों से बात करने में मशगूल थे, लेकिन उनका ध्यान सामने पढ़ा रहे अध्यापक पर भी था। अध्यापक को महसूस हुआ कि बच्चे पढ़ने के बजाए बातें करने में व्यस्त हैं, तब उन्होंने बच्चों से सवाल पूछना शुरु कर दिया। सबसे पहले नरेंद्र से शुरुआत की गई। उनकी स्मरणशक्ति तीव्र थी और वे बीच-बीच में पढ़ाई पर गौर भी कर रहे थे। इसीलिए नरेंद्र ने सभी सवालों का जवाब सही-सही दे दिया। यह देखकर अध्यापक ने उन्हें बैठने का निर्देश दिया और अन्य छात्रों से सवाल पूछने लगे। बाकी छात्रों का ध्यान बातों में होने की वजह से एक भी छात्र सवाल का सही सही उत्तर नहीं दे सका। अध्यापक ने सभी बच्चों को हाथ ऊपर कर खड़ा रहने का निर्देश दिया। इस पर नरेंद्र ने कहा, क्षमा करें गुरु जी! मेरी वजह से सभी छात्र दंड के पात्र बने हैं। सजा का हकदार मैं ही हूं। यह सुनकर अध्यापक भी हैरान रह गए।

गुजरात दंगों पर अमित शाह की टिप्पणी के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए साल 2002 के दंगों के संबंध में टिप्पणी की थी कि भाजपा ने सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों को सबक सिखाया था. इसे पूर्व नौकरशाह और अधिकार कार्यकर्ताओं ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है. The post गुजरात दंगों पर अमित शाह की टिप्पणी के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग appeared first on The Wire - Hindi.

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए साल 2002 के दंगों के संबंध में टिप्पणी की थी कि भाजपा ने सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों को सबक सिखाया था. इसे पूर्व नौकरशाह और अधिकार कार्यकर्ताओं ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है.

अमित शाह. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: प्रतिष्ठित नागरिकों और अधिकार कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से गुजरात में एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

उक्त बयान में शाह ने कहा था कि कैसे 2002 में दंगाइयों को ‘सबक सिखाया गया’ और उसके बाद से भाजपा ने वर्तमान तक (गुजरात में) शांति बनाए रखना सुनिश्चित किया है.

उनके इस बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया है.

चुनाव आयोग से इस तरह के ‘विभाजनकारी संबोधनों’ की अनुमति नहीं देने का आग्रह करते हुए उन्होंने मामले की जांच और आवश्यक सजा की भी मांग की है.

शाह का बयान अत्यंत आपत्तिजनक और वैमनस्य को बढ़ाने की कोशिश था

कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि बयान भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए का उल्लंघन है, जो ‘धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित है’ और इस पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 भी लागू होती है, जो 153ए समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं में दोषसिद्धि होने पर अयोग्यता प्रदान करती है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत सरकार के पूर्व सचिव ईएएस शर्मा ने 26 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त एसी पांडे और ए. गोयल को लिखे एक पत्र में सबसे पहले गुजरात में खेड़ा जिले के महुधा में एक रैली के दौरान शाह के ‘बेहद आपत्तिजनक बयान’ का मुद्दा उठाया.

शाह ने कहा था, ‘गुजरात में कांग्रेस के शासनकाल में अक्सर सांप्रदायिक दंगे होते थे. कांग्रेस विभिन्न समुदायों और जातियों के सदस्यों को एक-दूसरे के खिलाफ उकसाती थी. कांग्रेस ने ऐसे दंगों के जरिये अपने वोट बैंक को मजबूत किया और समाज के एक बड़े वर्ग के साथ अन्याय किया.’

उन्होंने आगे जोड़ा, ‘लेकिन 2002 में सबक सिखाए जाने के बाद ऐसे तत्वों ने वह रास्ता छोड़ दिया. वे लोग 2002 से 2022 तक हिंसा से दूर रहे. भाजपा ने सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर गुजरात में स्थायी शांति कायम की है.’

‘सबक सिखाया’ का अर्थ है कि लोगों ने कानून अपने हाथ में ले लिया है

शर्मा ने कहा कि शाह के 25 नवंबर के बयान के यह निहितार्थ निकलते हैं कि कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों के अलावा, राजनीतिक दल और लोगों के कुछ वर्गों ने कानून अपने हाथ में लेकर दूसरों को ‘सबक सिखाया.’

2002 में गोधरा में ट्रेन में आग लगने की घटना में लगभग 59 हिंदू तीर्थयात्रियों और कारसेवकों के मारे जाने के बाद के बाद राज्य में मुसलमानों शुरुआती के लिए आदर्श सुझाव के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी.

पूर्व नौकरशाह ने कहा कि अगर शाह ने वास्तव में बयान दिया है तो यह ‘आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है’, विशेष तौर पर उस खंड के संबंध में जो कहता है कि ‘वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदायिक भावनाओं की कोई अपील नहीं होगी.’

उन्होंने चुनाव आयोग से इस तथ्य के आलोक में बयान देखने के लिए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिलकिस बानो मामले में 11 बलात्कार के दोषियों को रिहा करने की मंजूरी दी थी.

उन्होंने कहा कि यह मामला 2002 में कुख्यात गोधरा की घटनाओं से सीधे संबंधित था, जिसने देश की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली घटनाओं के शर्मनाक क्रम को जन्म दिया.

शर्मा ने चुनाव आयोग को याद दिलाया कि वह अनुच्छेद 324 के आधार पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का संरक्षक है और इसलिए आग्रह किया कि वह शाह के बयान की सत्यता का पता लगाने के लिए तुरंत एक बैठक आयोजित करे, स्पष्टीकरण मांगे और फिर यदि जरूरत हो तो तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करे.

यह कहते हुए कि बयान गुजरात चुनावों को पहले ही प्रभावित कर चुका होगा, शर्मा ने आगाह किया कि ‘सांकेतिक दंड’ लगाकर, आयोग उस नुकसान की भरपाई करने में सक्षम नहीं हो सकता है, जो पहले ही हो चुका है.

शर्मा ने यह भी कहा कि लोग चुनाव आयोग से उम्मीद करते हैं कि वह चुनावी प्रक्रिया को अखंडता और निष्पक्षता के साथ बिना बाहरी दबाव के आयोजित करेगा.

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों के पहले भी शाह का नाम चुनाव आयोग में दर्ज कराई गई शिकायतों में तब सामने आया था, जब तत्कालीन चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने चुनाव आयोग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामले में दी गई पांच क्लीनचिट का विरोध किया था.

सामाजिक कार्यकर्ता जगदीप छोकर ने भी हाल ही में चुनाव आयोग को शाह द्वारा दिए गए बयान के संबंध में पत्र लिखा है.

यह कहते हुए कि वे शर्मा के पत्र का समर्थन करते हैं, छोकर ने कहा कि गृह मंत्री का बयान भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 8 का भी उल्लंघन है.

छोकर ने आगे मांग की कि आदर्श आचार संहिता के घोर उल्लंघन के मद्देनजर आयोग गुजरात में तुरंत चुनावों को तब तक के लिए स्थगित करने का निर्देश दे, जब तक कि वातावरण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के अनुकूल नहीं हो जाता है.

सामाजिक कार्यकर्ता ने आईपीसी की धारा 153ए के उल्लंघन के लिए शिकायत और एफआईआर दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा कार्रवाई शुरू करने की भी मांग की.

PKL9 : 12वीं जीत के साथ शीर्ष पर और मजबूत हुए पल्टन, टाइटंस को 13 अंक से हराया

हैदराबाद: पुनेरी पल्टन ने अपने आलराउंड प्रदर्शन के दम पर गाचीबोवली इंडोर स्टेडियम में शनिवार को खेले गए वीवो प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के नौवें सीजन के 102वें मैच में तेलुगू टाइटंस को 38-25 के अंतर से हराकर शीर्ष पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। पल्टन की यह 18 मैचों में 12वीं जीत है जबकि टाइटंस को इतने ही मैचों में 16वीं हार मिली है। पल्टन की जीत में असलम इनामदार और पंकज मोहित (दोनों 8-8 अंक) -का अहम योगदान रहा। टाइटंस को सिद्धार्थ देसाई की कमी खली क्योंकि उसका कोई भी रेडर सात अंक से अधिक नहीं ले सका। उसके डिफेंस ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 14 अंक जुटाए।

पल्टन ने शुरुआती पांच मिनट में 5-1 की लीड ले ली थी। देसाई की गैरमौजूदगी में टाइटंस का रेडिंग विभाग शुरुआत से ही कमजोर नजर आ रहा था। डिफेंस ने हालांकि लगातार दो अंकों के साथ स्कोर 3-5 किया लेकिन अभिषेक का शिकार कर पुणे के डिफेंस ने लीड फिर 3 की कर दी। जल्द ही पल्टन ने टाइटंस को सुपर टैकल की स्थिति में डाला और परवेश ने असलम का शिकार कर टीम को दो अंक दिलाए। पंकज की अगली रेड पर हालांकि उनका शिकार हो गया। मोहसेन ने फजल का शिकार कर हालांकि हिसाब बराबर कर फासले को दो का कर लिया।

अभिषेक का शिकार कर डिफेंस ने हालांकि फजल को रिवाइव करा लिया। फिर असलम ने विशाल का शिकार कर लीड 4 की कर दी। टाइटंस के लिए फिर सुपर टैकल आन था और अंकित ने पंकज का शिकार कर फासला फिर से 2 कर दिया। फिर डू ओर डाई रेड पर आदर्श ने असलम को आउट किया। चार के डिफेंस में पंकज ने एक बार फिर अंकित का शिकार किया। फिर फजल ने डू ओर डाई रेड पर आदर्श को लपक स्कोर 14-10 हो गया। इसी स्कोर पर हाफ टाइम हुआ। डिफेंस में दोनों को 5-5 अंक मिले जबकि रेड में पल्टन को सात जबकि टाइटंस को पांच अंक मिले।

ब्रेक के बाद पल्टन ने टाइटंस को ऑल आउट कर लीड 8 की कर ली और जल्द ही उसे 11 तक ले गए। परवेश और विशाल सुपर टैकल की स्थिति में थे लेकिन पंकज ने दोनों को आउट कर टाइटंस को फिर ऑल आउट कर लीज 16 की कर ली। टाइटंस ने हालांकि लगातार तीन अंक लेकर फासला कम किया। पल्टन को फासले का कम होना मंजूर नहीं था। यही कारण था कि उसने स्कोर 32-14 कर न सिर्फ अपनी स्थिति और मजबूत की बल्कि जीत की ओर भी कदम बढ़ाया। इस बीच, टाइटंस ने लगातार तीन अंक लेकर अपना ऑलआउट बचाया लेकिन पंकज ने सुपर रेड के साथ फिर वही स्थिति कायम कर दी।

टाइटंस ने अगली रेड पर आकाश का सुपर टैकल कर ऑलआउट बचा लिया। फिर टाइटंस ने इसके बाद लगातार तीन कामयाब सुपर टैकल के साथ स्कोर 25-36 कर दिया लेकिन समय नहीं होने के कारण टाइटंस के लिए वापसी की संभावना खत्म हो गई थी।

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शुरुआती के लिए आदर्श सुझाव

इस पोस्ट में क्या है ?

PM Kisan 13th Installment Date

PM Kisan का 13वां अध्याय बहुत जल्द ही आधिकारिक रिलीज की तारीख के साथ प्रकाशित होने जा रहा है, और जो पहले कहा गया था, उसके अनुसार योग्य किसानों को दो-दो हजार रुपये मिलेंगे। तथ्य यह है कि यह 13वीं किस्त है, यह दर्शाता है कि यह योजना का वर्ष का अंतिम भुगतान होगा। चूंकि पीएम किसान ई-केवाईसी प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है, यह योजना केवल पात्र किसानों को ही उपलब्ध कराई जाएगी। लोगों को अब चिंता की बात कम है, क्योंकि किश्तों में जो देरी बारहवीं किश्त में थी, उसका समाधान हो गया है।

PM Kisan 13th Installment Date Highlights

🔥 आर्टिकल का नाम 🔥 पीएम किसान 13वीं किस्त
🔥 रिलीज किसके द्वारा 🔥 पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा
🔥 उद्देश्य 🔥 सीमांत किसानों को ₹6000 वार्षिक सहायता।
🔥 वर्तमान किस्त 🔥 12वीं किस्त
🔥 साल 🔥 2019
🔥 13वीं किस्त की तारीख 🔥 जल्द आ रहा है
🔥 12वीं किस्त की तारीख 🔥 17 अक्टूबर
🔥 Pmkisan.gov.in 12वीं किस्त 🔥 pmkisan.gov.in

जानिए 13वीं किस्त के लिए यह दो काम जरूर करवा लें ।

प्रथम काम

  • अगर आप लोग चाहते हैं कि आपकी 13वीं किस्त न अटके, तो इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि अगर आपने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है तो इसे करवा लें। अगर आप ऐसा नहीं करवाते हैं, तो किस्त के पैसे अटक सकते हैं।

दूसरा काम

  • आपको योजना की आधिकारिकवेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक करना परेगा। अगर यहां पर लैंड सिडिंग के स्टेटस में ‘नो’ लिखा है, तो अपने नजदीकी कृषि कार्यलय में जाकर इसे सही करवा लें।

जानिए कब आ सकती है 13वीं किस्त ?

  • दोस्तो सबसे पहले ये समझ लें कि किस्त आने का क्या समय तय है। दरअसल, साल की पहली किस्त किसानों के बैंक खाते में 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच भेजी जाती है। इसके बाद दूसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच और तीसरी किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच किसानों को दी जाती है।
  • ऐसे में नियमों के अनुसार, दिसंबर से किसानों के बैंक खाते में 13वीं किस्त आना जारी हो सकता है। हालांकि, अभी सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

किसानों को पीएम किसान योजना के 13वीं किस्त का बहुत ही बेसब्री से इंतजार है, ऐसे में किसान यह जानना चाहते हैं कि उनका 13वीं किस्त का रकम उनके खाते में कब तक जमा हो जाएगा , आज हम आपके सभी सवाल और पीएम किसान योजना 13वीं किस्त की रकम आपको कब तक मिलेगी इससे संबंधित जवाब पूरे विस्तार में देंगे ताकि आपके मन में किसी भी प्रकार का सवाल कहीं भी ना रह जाए |

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार के द्वारा भारत के सभी किसानों को तीन बराबर किस्तों में ₹6000 की राशि 1 साल के अंतर्गत दी जाती है, और इस योजना के अंतर्गत लगभग किसानों को 11 वीं किस्त की रकम भी मिल चुकी है, यहां तक कि पीएम किसान योजना के अंतर्गत 13वीं किस्त की रकम अब आने की संभावना है और किसान 13वीं किस्त का इंतजार काफी बेसब्री से कर रहे हैं , ऐसे में उनके दिमाग में यह सवाल आना लाजमी है कि उनको पीएम किसान योजना 13वीं किस्त कब तक मिलेगी?

नोट- आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएम किसान योजना से संबंधित लगभग सारी जानकारी देंगे साथ ही हम आपके इस सवाल का भी जवाब दे देंगे कि पीएम किसान योजना 13वीं किस्त कब तक मिलेगी

PM Kisan Yojana Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों को सहूलियत देने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना अंतर्गत एक नया हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है, जिस पर कॉल कर कर किसान आसानी से यह जान सकते हैं कि 13वीं किसकी लाभार्थी सूची में उनका नाम है या नहीं या नहीं उनको 13वीं किस्त का रकम मिलेगा या फिर नहीं |

पीएम किसान नया हेल्पलाइन नंबर जारी

पीएम किसान योजना में किसानों की समस्या ना हो और उन्हें सहूलियत पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक नया हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है जिस पर संपर्क कर आप लाभार्थी सूची और पीएम किसान योजना से संबंधित किसी भी प्रकार के सवाल के जवाब प्राप्त कर सकते हैं , 155261 पर शुरुआती के लिए आदर्श सुझाव शुरुआती के लिए आदर्श सुझाव कॉल करा पीएम किसान योजना लाभार्थी सूची में आपका नाम है या नहीं, पीएम किसान योजना आवेदन से संबंधित जानकारी या फिर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसी भी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं |

जानिए क्या मिलता है किसानों को लाभ?

पीएम किसान स्कीम के तहत सभी भूमिधारक किसानों के परिवारों को एक साल में हर चार महीने के अंतराल में 2000 रुपये की तीन किस्तें मिलती हैं। इस तरह हर साल 6,000 रुपये की राशि लाभार्थी किसानों को मिलती है। इस योजना के तहत पहली किस्त की अवधि एक दिसंबर 2018 से 31 मार्च 2019 थी। इसके बाद दूसरी किस्त की अवधि एक अप्रैल 2019 से 31 जुलाई 2019 थी। तीसरी किस्त की अवधि एक अगस्त 2019 से 30 नवंबर 2019 के बीच थी। इसी तरह आगे की अवधियों में किस्तें ट्रांसफर की गई हैं।

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