फोरेक्स टुटोरिअल

एक सीमा आदेश क्या है?

एक सीमा आदेश क्या है?
उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक वाणिज्यिक वाहनों को रोका नहीं गया है।

असम-मेघालय सीमा हिंसा: वन विभाग के कार्यालय में तोड़फोड़, आगजनी

मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के मुकरोह गांव के निवासी कुल्हाड़ियां, छड़ और लाठियां लेकर मंगलवार रात अंतरराज्यीय सीमा पर असम में खेरोनी वन रेंज के तहत आने वाले एक बीट कार्यालय के सामने जमा हो गए और उसे आग के हवाले कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने वन कार्यालय में तोड़फोड़ की और वहां रखे लकड़ी के सामान, दस्तावेजों और परिसर में खड़ी कई मोटरसाइकिल में आग लगा दी।

अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना में अभी तक किसी वन कर्मी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही ग्रामीण वहां से चले गए।

मेघालय में असम के वाहनों पर हमलों की खबर के बाद असम पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वाहन मालिकों से पड़ोसी राज्य में जाने से बचने को कहा है।

श्रद्धा हत्याकांड: आरोपी आफ़ताब के लिए कोर्ट ने दिया आदेश, जानिए क्या.

नई दिल्ली। श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस के आरोपी आफताब पूनावाला अपने परिजनों से मिल सकेगा. इसके लिए साकेत कोर्ट ने अनुमति दे दी है. जानकारी के मुताबिक आफताब के वकील ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इसमें कोर्ट से परमिशन मांगी गई थी कि आफताब को उसके परिजनों से मिलने दिया जाए. वहीं साकेत कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी है. आफताब के वकील के मुताबिक जांच अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आने पर आफताब अपने परिवार से मिल सकेगा. आफताब को आज दिल्ली की साकेत कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आफताब की चार दिन की पुलिस कस्टडी और बढ़ा दी है. आफताब की कस्टडी आज खत्म हो रही थी. इससे पहले पुलिस ने कोर्ट से आफताब के पॉलीग्राफी टेस्ट की इजाजत मांगी थी. आफताब के पॉलीग्राफी टेस्ट के बाद ही उसका नार्को टेस्ट किया जाएगा. आफताब के वकील अविनाश ने बड़ा दावा किया था. एडवोकेट अविनाश के मुताबिक आफताब का परिवार लापता नहीं है. उन्होंने कहा कि वे एक या दो दिन में परिवार से संपर्क करेंगे.

POK पर सेना का बड़ा बयान, गुलाम कश्मीर लेने को हैं तैयार, बस एक आदेश का इंतजार

POK पर सेना का बड़ा बयान, गुलाम कश्मीर लेने को हैं तैयार, बस एक आदेश का इंतजार

नई दिल्ली। उत्तरी सेना एक सीमा आदेश क्या है? के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का गुलाम कश्मीर को लेकर बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पीओके को वापस लेने जैसे आदेशों को पूरा करने के लिए तैयार है। ज्ञात हो क‍ि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ कई बार कह चुके हैं क‍ि गुलाम कश्मीर भारत का हिस्‍सा है, हम इसे लेकर रहेंगे। इस बारे में भारत की संसद में प्रस्‍ताव पारित हो चुका है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का गुलाम कश्मीर वापस लेने का बयान पर उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा क‍ि जहां तक भारतीय सेना का संबंध है, वह भारत सरकार द्वारा दिए गए किसी भी आदेश को पूरा करेगी। जब भी इस तरह के आदेश दिए जाएंगे, हम इसके लिए हमेशा तैयार रहेंगे।

Assam Meghalaya Border Firing: मेघालय में पुलिस फायरिंग, फॉरेस्ट गार्ड समेत 6 लोगों की मौत, 7 जिलों में इंटरनेट बंद, जानिए पूरा मामला.

Assam Meghalaya Border Firing: मेघालय में पुलिस फायरिंग, फॉरेस्ट गार्ड समेत 6 लोगों की मौत, 7 जिलों में इंटरनेट बंद, जानिए पूरा मामला.

नई दिल्ली। असम-मेघालय सीमा पर मंगलवार सुबह पुलिस फायरिंग में 6 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में असम का एक फॉरेस्ट गार्ड भी है। बताया गया है कि सीमा से सटे जंगल से कुछ लोग ट्रक से तस्करी करके लकड़ी ले जा रहे थे। असम पुलिस और फॉरेस्ट विभाग ने उन्हें पश्चिम जयंतिया हिल्स के मुकरोह में रोका तो फायरिंग शुरू हो गई। इस घटना में मरने वाले 5 लोग मेघायल के हैं। खबर फैलते ही मेघालय के 7 जिलों में हिंसा भड़क गई। इसके बाद मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के आदेश पर इन जिलों में 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इनमें पश्चिम जयंतिया पहाड़ियां, पूर्वी जयंतिया पहाड़ियां, पूर्वी खासी पहाड़ियां, री-भोई, पूर्वी पश्चिम खासी पहाड़ियां, पश्चिम खासी पहाड़ियां और दक्षिण-पश्चिम खासी पहाड़ियां शामिल हैं।

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मेघालय के CM ने हादसे को दुखद बताते हुए मृतकों के परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं। उन्होंने कहा कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जो भी हुआ बहुत दुखद है। घटना की FIR मेघालय पुलिस ने दर्ज कर ली है। इसकी जांच कराई जाएगी। फायरिंग में छह एक सीमा आदेश क्या है? लोगों की मौत की सूचना सोशल मीडिया से फैली। इसके बाद मेघालय के सात जिलों में हिंसा शुरू हो गई। कानून व्यवस्था बिगड़ती देख इंटरनेट बंद कर दिया गया। अगले 48 घंटे तक वॉट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब बंद रहेंगे। पुलिस ने इन जिलों में फोर्स बढ़ा दी है।

आपको बता दे असम-मेघालय के बीच सीमा विवाद 50 साल से भी ज्यादा पुराना है। इस साल की शुरुआत में दोनों राज्यों के CM हिमंत बिस्वा सरमा एक सीमा आदेश क्या है? और कॉनराड कोंगकल संगमा ने दिल्ली में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद 12 सबसे ज्यादा विवादित क्षेत्रों में से 6 की राज्य सीमा निर्धारित हो गई। MoU साइन होते वक्त गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। MoU पर साइन करने के बाद असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि यह हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। इस MoU के बाद जल्द ही बाकी विवादित जगहों की समस्या का समाधान करना हमारा लक्ष्य है। हम पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के विकास का इंजन बनाने की दिशा में काम करेंगे।

हाईकोर्ट ने कहा-ओबीसी आरक्षण से जुड़ी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित, यहां से नहीं दे सकते आदेश

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जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने को चुनौती देने के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस मुद्दे से जुड़ी कुछ याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। उनमें आदेश पारित होने तक यहां से आदेश नहीं दे सकते हैं। हाईकोर्ट के न्यायाधीश शील नागू तथा न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भर्ती पर रोक नहीं लगाई गई है। अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। मामले की सुनवाई तक ओबीसी को 14 फीसदी आरक्षण का अंतरिम आदेश बरकरार रहेगा।

याचिकाकर्ताओं की ओर से इन्होंने रखा पक्ष
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी, अंशुमान सिंह, सुयष ठाकुर व अन्य ने पक्ष रखा। वहीं ओबीसी के विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक शाह ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक याचिका वापस लिए जाने का आवेदन 11 नवंबर 2022 को दाखिल कर दिया गया है और शेष तीन याचिकाएं लंबित हैं।

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