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इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज

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BSE ने ICE फ्यूचर्स यूरोप के साथ लाइसेंसिंग समझौते पर किए हस्ताक्षर

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (ICE) फ्यूचर्स यूरोप के साथ लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (ICE) फ्यूचर्स यूरोप वैश्विक एक्सचेंज और क्लीयरिंगहाउस का संचालक है।

भारत दुनिया में कच्चे तेल के सबसे बड़े उपभोक्ताओं और आयातकों में से एक है इसीलिए ब्रेंट क्रूड का भारतीय कच्चे तेल बाजार के साथ गहरा संबंध है। यह समझौता रुपए के-वर्चस्व वाले ब्रेंट बेंचमार्क कीमतों तक पहुंचने के लिए भारतीय ऊर्जा उत्पादों के लिए जगह बनाएगा और बाजार सहभागियों की जरूरतों और हितों को पूरा करेगा।



उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

आईसीई सीडीएस क्लियरिंग हाउस को शिकागो ले जाने पर विचार करता है

इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज इंक अपने यूरोपीय क्लियरिंग हाउस को क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप (सीडीएस) के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहा है।

(ब्लूमबर्ग) - इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज इंक अपने यूरोपीय क्लियरिंग हाउस को क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप (सीडीएस) के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थानांतरित करने इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर विचार कर रहा है।

बातचीत के ज्ञान वाले लोगों के अनुसार, कंपनी लंदन से शिकागो तक अपनी सुविधाओं को स्थानांतरित करने के लिए अपने ग्राहकों के साथ बातचीत कर रही है, जहां अधिकांश मुआवजा पहले से ही किया जा रहा है। योजनाओं को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और टिप्पणियों और अन्य तार्किक पहलुओं के आधार पर बदल सकता है, एक व्यक्ति ने कहा, जिसने पहचान नहीं करने के लिए कहा क्योंकि यह एक निजी मामला था।

यह कदम सीडीएस बाजार में एक प्रवृत्ति का अनुसरण करेगा, जहां अधिकांश मुआवजा इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज अमेरिका में पहले से ही किया जा चुका है। आईसीई अपनी वेबसाइट के अनुसार, मुख्य रूप से शिकागो में कॉर्पोरेट और संप्रभु सीडी बाजार के लगभग 95% और लंदन में लगभग 10% की भरपाई करता है।

एक ICE प्रतिनिधि ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। प्रस्तावित योजनाओं को पहले रॉयटर्स द्वारा रिपोर्ट किया गया था।

आईसीई, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के माता-पिता इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज भी, दुनिया भर में सीडीएस अनुबंधों के लिए एक प्रमुख क्लियरिंग हाउस है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच एक मध्यस्थ है, जो व्यापारिक खातों के निपटान, संचालन और कार्यों को साफ़ करने जैसे व्यवसाय डेटा की डिलीवरी और रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार है।

कंपनी ने वित्तीय संकट के दौरान 2009 में अमेरिका और लंदन में क्रेडिट डिफ़ॉल्ट स्वैप अनुबंधों को ऑफसेट करना शुरू किया। शिकागो में इसकी क्लियर क्रेडिट यूनिट अमेरिका के लिए जिम्मेदार है, जबकि ICE क्लियर यूरोप लंदन में इसका कार्यालय है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज का अपना क्लियरिंग हाउस है, जिसे एलसीएच के नाम से जाना जाता है।

क्लियर क्रेडिट यूनिट को यूरोपीय नियामकों द्वारा मान्यता प्राप्त है, जिससे यह शिकागो से यूरोपीय संघ के ग्राहकों के लिए सीडीएस लेनदेन को संभालने की अनुमति देता है।

इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज ने हैदराबाद में शुरू किया भारतीय मुख्यालय

हैदराबाद, 13 नवंबर (भाषा) वैश्विक एक्सचेंज तथा क्लियरिंग हाउस का परिचालन करने वाली अमेरिकी कंपनी इंटरकांटिनेंटल इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज एक्सचेंज (आईसीई) ने यहां अपना स्थानीय मुख्यालय शुरू करने की बुधवार को घोषणा की। कंपनी ने एक बयान में बताया कि यह कार्यालय शुरुआत में आईसीई डेटा सर्विसेज के संदर्भ के आंकड़े मुहैया करायेगा। कंपनी के अध्यक्ष बेंजामिन जैकसन ने कहा, ‘‘भारत आईसीई की वैश्विक वृद्धि की रणनीति का अहम भाग है और चूंकि हम विश्व भर में उपभोक्ताओं के साथ भागीदारी कर रहे हैं तथा उन्हें सेवाएं मुहैया करा रहे हैं, ऐसे में भारत विस्तृत संसाधन हो जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत में प्रतिभा की प्रचूरता तथा

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पेट्रोल से 1.21 रुपये लीटर महंगा बिक रहा डीजल, जानें-मंगलवार की रेट लिस्ट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी है. हालांकि, डीजल के दाम में बढ़ोतरी इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज का सिलसिला जारी है.

मंगलवार को दाम में बदलाव नहीं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2020,
  • (अपडेटेड 21 जुलाई 2020, 8:27 AM IST)
  • मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के भाव स्थिर रहे
  • पेट्रोल के भाव में लगातार 22वें दिन बदलाव नहीं

वैसे तो बीते 21 दिन में पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी नहीं हुई है लेकिन डीजल के भाव में तेजी का सिलसिला जारी है. यही वजह है कि देश की राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल के मुकाबले डीजल 1.21 रुपये लीटर महंगा हो गया है. हालांकि, मंगलवार को पेट्रोल और डीजल दोनों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ. इससे पहले सोमवार को डीजल के दाम बढ़ गए थे.

सोमवार को डीजल का हाल

तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को डीजल के दाम में 10-12 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी थी. इससे पहले, रविवार को इस ईंधन के भाव में कोई इजाफा नहीं हुआ. वहीं, पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर स्थिर रहीं. ये लगातार 21 वां दिन था जब पेट्रोल के भाव नहीं बढ़े थे.

मंगलवार की रेट लिस्ट

सप्ताह के दूसरे दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई, ऐसे में भाव सोमवार के ही लागू होते हैं. इंडियन इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में डीजल की कीमत क्रमश: 81.64 रुपये, 76.77 रुपये, 79.83 रुपये और 78.60 रुपये प्रति लीटर हो गई जबकि चारों महानगरों में पेट्रोल का भाव लगातार 22वें दिन बिना किसी बदलाव के क्रमश: 80.43 रुपये, 82.10 रुपये, 87.19 रुपये और 83.63 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है.

कच्चे तेल में नरमी बरकरार

वहीं अगर कच्चे तेल की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी बनी हुई है. इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड के सितंबर वायदा अनुबंध में सोमवार को पिछले सत्र से 0.65 फीसदी की गिरावट के साथ 42.86 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था.

दरअसल, कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर दुनियाभर में अनिश्चितता का माहौल है. यही वजह है कि डिमांड भी उम्मीद से कम है. इस आशंका भरे माहौल में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अच्छी खबर: इस वजह से कम हुईं कच्चे तेल की कीमतें.

शुक्रवार को 11 बजकर 05 मिनट पर इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट फ्यूचर्स का मई का कॉन्ट्रैक्ट 112.16 डॉलर पर कारोबार कर रहा था.

शुक्रवार को 11 बजकर 05 मिनट पर इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट फ्यूचर्स का मई का कॉन्ट्रैक्ट 112.16 डॉलर पर कारोबार कर रहा था.

Crude oil prices : अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते (Nuclear deal between the US and Iran) की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतें गुरुवार के दिन गिर गईं. शुक्रवार को हालांकि फिर से थोड़ा उछाल देखा गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated : March 04, 2022, 14:43 IST

नई दिल्ली. Crude oil prices : अमेरिका और ईरान इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज के बीच परमाणु समझौते (Nuclear deal between the US and Iran) की उम्मीद के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो 2013 के बाद का उच्चतम स्तर 119.84 डॉलर प्रति बैरल था. बाद में यह 110.46 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ. हालांकि, शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतें (Oil Prices) गुरुवार के अपने बंद स्तर से थोड़ा बढ़ गईं.

शुक्रवार को 11 बजकर 05 इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज मिनट पर इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट फ्यूचर्स का मई का कॉन्ट्रैक्ट 112.16 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 1.54% अधिक था. NYMEX पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2% बढ़कर 109.82 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

अगर युद्ध न रुका तो क्या?
मेहता इक्विटीज लिमिटेड (Mehta Equities Ltd) के वीपी कमोडिटीज राहुल कलंत्री ने कहा, “कच्चे तेल में उच्च स्तर पर इस संकेत के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई कि ईरान के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका का परमाणु समझौते हो सकता है. यदि सौदा होता है तो ईरानी तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वापसी कर इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज सकता है और मुनाफे को सीमित कर सकता है.”

ईरान दुनिया का नौवां सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, लेकिन देश पर आर्थिक प्रतिबंधों के कारण इसकी क्षमता की तुलना में कम उत्पादन हुआ है. हालांकि, चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव और संघर्ष से आने वाले दिनों में तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है.

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आज के सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और अगर रूस-यूक्रेन इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज के बीच युद्ध तेज होता है तो तेल की कीमतों को बढ़त जारी रह सकती है.”

एक एक्सपर्ट की राय अलग
कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में कमोडिटी रिसर्च के हेड रवींद्र राव का मानना है कि रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine) के बीच दूसरे दौर की बातचीत ने गुरुवार को अत्यधिक अस्थिर तेल बाजार को कुछ शांत किया है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के परमाणु संयंत्र पर रूस के हमले के बाद रूस-यूक्रेन तनाव तेज होने के कारण शुक्रवार को कीमतों में फिर से उछाल आया.

राव ने कहा, “एक हफ्ते में कच्चे तेल में 25% से अधिक की तेजी आई है और बाजार के खिलाड़ी अब रैली के जारी रहने की संभावना का आकलन कर रहे हैं. जब तक तनाव को कम करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जाते हैं, तब तक कीमतों में इजाफा होते रहने की संभावना बनी रहेगी.”

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