विदेशी मुद्रा व्यापार पर कैसे

अमरीकी डालर के व्यापार

अमरीकी डालर के व्यापार

NAGAR SAMVAD

दिल्ली (पी.आईं.बी) । केन्‍द्रीय वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति, जायर बोलसोनारो की यात्रा, भारत के बढ़ते महत्व का संकेत है। श्री गोयल आज नयी दिल्‍ली में आयोजित भारत-ब्राजील व्‍यापार मंच के उद्धाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि चूंकि ब्राजील (लैटिन अमेरिका और कैरिबियन) क्षेत्र में भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में से एक है, दोनों देशों के बीच 2022 तक द्विपक्षीय व्‍यापार बढ़कर 15 अरब अमरीकी डालर तक पहुंच जाएगा। ।

श्री गोयल ने कहा कि श्री बोलसोनारो की यात्रा के दौरान 15 सहमति पत्रों पर हस्‍ताक्षर किया जाना भारत के लोकतंत्र,जनसंख्‍या सरंचना,नेतृत्‍व और देश के बाजारों में उपलब्ध कुशल मानव संसाधन का सबूत है। यह देश के करोड़ों लोगों की एक बेहतर भविष्‍य की आशाओं और उम्‍मीदों का भी प्रतीक है। निवेश, व्यापार सुगमता, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, रक्षा और दोहरे कराधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए श्री बोलसोनारो की यात्रा के दौरान सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किया जाना उनकी यात्रा का सबसे सफल पक्ष रहा है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत और ब्राजील के बीच स्वच्छ ऊर्जा, स्टार्टअप और रेलवे के क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा जहां एक देश में वस्‍तुओं की आंशिक एसेंबली होगी और दूसरे देश में उन्‍हें पूरी तरह से तैयार किया जाएगा। पीयूष गोयल ने बताया कि संपूर्ण भारतीय रेलवे का 2024 तक पूरी तरह से विद्युतीकरण कर दिया जाएगा और 2030 तक भारत में रेलवे नेटवर्क पूरी तरह से शून्य उत्सर्जन के साथ स्वच्छ ऊर्जा पर चलेगा।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने दोनों देशों के बीच वीजा मुक्त यात्रा के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान की गई घोषणा का स्वागत किया। उन्‍होंने कहा कि दो देशों के बीच व्यापार और पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को इससे बहुत लाभ होगा।

श्री गोयल ने भारत - ब्राजील बिजनेस लीडर फोरम को सक्रिय और पुनर्गठित करने का आग्रह किया ताकि दोनों देशों के व्यवसायों के लिए इसे अधिक प्रासंगिक और समकालीन बनाया जा सके।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने आशा व्यक्त की कि योग और आयुर्वेद जैसे आरोग्‍य वाले क्षेत्रों में भारत की सेवाएं और बढ़ेंगी क्योंकि ब्राजील योग और आयुर्वेद चिकित्सका के क्षेत्र में काफी आगे है। ब्राज़ील में आयुर्वेद का एक संघ (ABRA) है, जो ब्राज़ील के 9 राज्यों में अपने कार्यालयों के साथ एक गैर-लाभकारी संघ की तरह काम करता है। ब्राज़ील में आयुर्वेद पर तीसरी अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस रियो डी जेनेरियो में 12 से 15 मार्च 2018 तक आयोजित की गई थी। सम्मेलन में 4000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी देखी गई जिसमें भारत के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्‍या में शामिल थे।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत और ब्राजील द्विपक्षीय स्तर के साथ ही ब्रिक्स, बेसिक, जी -20, आईबीएसए और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन अमरीकी डालर के व्यापार जैसे बड़े बहुपक्षीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र, यूनेस्को तथा डब्ल्यूआईपीओ में जैसे बड़े बहुपक्षीय निकायों में घनिष्ठ संबंध साझा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच एक दशक पुरानी द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए सामाजिक समावेश के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर आधारित है।

भारतीय अर्थव्यवस्था ने कोविड-19 की तीन लहरों के बावजूद की जोरदार वापसी, यूएस ट्रेजरी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

ट्रेजरी का आकलन है कि 2021 में भारत की बाहरी स्थिति मोटे तौर पर आर्थिक बुनियादी बातों और वांछनीय नीतियों के अनुरूप थी, सकल घरेलू उत्पाद के 0.3 प्रतिशत के अनुमानित चालू खाते के अंतर के साथ. रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष पिछले एक साल में काफी बढ़ा है.

US Treasury report says Indian economy recovered strongly despite 3 Covid waves | भारतीय अर्थव्यवस्था ने कोविड-19 की तीन लहरों के बावजूद की जोरदार वापसी, यूएस ट्रेजरी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

भारतीय अर्थव्यवस्था ने कोविड-19 की तीन लहरों के बावजूद की जोरदार वापसी, यूएस ट्रेजरी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Highlights 2013 और 2020 के बीच भारत ने अमेरिका के साथ लगभग 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय सामान और सेवाओं का व्यापार अधिशेष चलाया. भारत का निर्यात भी 2021 में बढ़ा, हालांकि आयात की तुलना में कम दर पर 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

वॉशिंगटन: भारतीय अर्थव्यवस्था ने तीन महत्वपूर्ण कोविड-19 लहरों के बावजूद जोरदार वापसी की है. कांग्रेस को सौंपी एक रिपोर्ट में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह कहा. ट्रेजरी ने अपनी अर्ध-वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि भारत की तीव्र दूसरी लहर ने 2021 के मध्य तक विकास पर भारी भार डाला, जिससे इसकी आर्थिक सुधार में देरी हुई.

शुक्रवार को भारत के टीकाकरण प्रयासों की प्रशंसा करते अमेरिकी ट्रेजरी ने हुए कहा कि वर्ष की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया क्योंकि भारत में टीकाकरण की गति तेज हुई. रिपोर्ट में कहा गया कि 2021 के अंत तक भारत की लगभग 44 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से टीका लगाया गया था. इसमें कहा गया कि 2020 में सात प्रतिशत का अनुबंध करने के बाद उत्पादन 2021 की दूसरी तिमाही तक पूर्व-महामारी के स्तर पर वापस आ गया, जिसमें पूरे वर्ष 2021 में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई.

रिपोर्ट में कहा गया कि 2022 की शुरुआत के बाद से भारत को ओमीक्रॉन वैरिएंट द्वारा संचालित तीसरे बड़े प्रकोप का सामना करना पड़ा, लेकिन मौतों की संख्या और व्यापक आर्थिक गिरावट सीमित रही है. इसमें कहा गया कि भारत सरकार ने 2021 में महामारी की पृष्ठभूमि के खिलाफ अर्थव्यवस्था को वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखा. अधिकारियों अमरीकी डालर के व्यापार का अनुमान है कि 2022 के वित्तीय वर्ष के लिए कुल राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 6.9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जो कि महामारी से पहले के घाटे से अधिक है.

ट्रेजरी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने मई 2020 से अपनी प्रमुख नीतिगत दरों को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन जनवरी 2021 में इसने कोरोनोवायरस महामारी के शुरुआती भाग के दौरान विकास का समर्थन करने के लिए डिजाइन किए गए असाधारण तरलता उपायों को धीरे-धीरे खोलना शुरू कर दिया. 2020 में सकल घरेलू उत्पाद के 1.3 प्रतिशत के चालू खाते के अधिशेष को दर्ज करने के बाद 2004 के बाद से इसका पहला अधिशेष भारत 2021 में सकल घरेलू उत्पाद के 1.1 प्रतिशत के चालू खाते के घाटे में लौट आया.

रिपोर्ट में कहा गया कि चालू खाता घाटे की वापसी भारत के व्यापार घाटे में तेज गिरावट से प्रेरित थी, जो कि पिछले वर्ष के 95 बिलियन अमरीकी डालर से 2021 में बढ़कर 177 अमरीकी डालर के व्यापार बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई. इसके अलावा आर्थिक सुधार और बढ़ती कमोडिटी की कीमतों, विशेष रूप से ऊर्जा की कीमतों के बीच 2021 की दूसरी छमाही में माल आयात विशेष रूप से तेजी से बढ़ा, जिससे 2021 में साल-दर-साल आयात में 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

भारत का निर्यात भी 2021 में बढ़ा, हालांकि अमरीकी डालर के व्यापार अमरीकी डालर के व्यापार आयात की तुलना में कम दर पर 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई. भारत का सेवा व्यापार अधिशेष (जीडीपी का 3.3 प्रतिशत) और आय अधिशेष (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) आंशिक रूप से व्यापक माल व्यापार घाटे की भरपाई करता है. 2021 में प्रेषण लगभग पांच प्रतिशत बढ़ा, जो 87 अरब अमेरिकी डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 2.8 प्रतिशत तक पहुंच गया.

ट्रेजरी का आकलन है कि 2021 में भारत की बाहरी स्थिति मोटे तौर पर आर्थिक बुनियादी बातों और वांछनीय नीतियों के अनुरूप थी, सकल घरेलू उत्पाद के 0.3 प्रतिशत के अनुमानित चालू खाते के अंतर के साथ. रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष पिछले एक साल में काफी बढ़ा है. 2013 और 2020 के बीच भारत ने अमेरिका के साथ लगभग 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय सामान और सेवाओं का व्यापार अधिशेष चलाया.

2021 में माल और सेवाओं का व्यापार अधिशेष 45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, दिसंबर 2020 तक चार तिमाहियों में यूएसडी 34 बिलियन से एक भौतिक वृद्धि. भारत का द्विपक्षीय माल व्यापार अधिशेष 33 बिलियन अमेरिकी डॉलर (37 प्रतिशत ऊपर) तक पहुंच गया, जबकि द्विपक्षीय सेवाओं का अधिशेष 2021 में बढ़कर 12 अरब अमेरिकी डॉलर (29 प्रतिशत ऊपर) हो गया. ट्रेजरी ने कहा कि विस्तार मुख्य रूप से बढ़ी हुई अमेरिकी मांग से प्रेरित है, विशेष रूप से सामानों के लिए, क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने 2021 में मजबूती से सुधार किया है.

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भारत और ऑस्ट्रेलिया को 2030 तक 100 बिलियन अमरीकी डालर का द्विपक्षीय व्यापार देखना चाहिए: गोयल

भारत और ऑस्ट्रेलिया को 2030 तक 100 बिलियन अमरीकी डालर का द्विपक्षीय व्यापार देखना चाहिए: गोयल

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक बढ़ाकर 100 अरब डॉलर कर दिया जाना चाहिए, जो लगभग 27.5 अरब डॉलर के वर्तमान स्तर से है।

तीन दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रेलिया आए गोयल ने कहा कि दोनों देश पहले से ही आगे की शैक्षिक साझेदारी पर एक समझौते के करीब हैं।

2 अप्रैल को, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (IndAus ECTA) पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों देशों को बड़ी संख्या में वस्तुओं तक शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करने की अनुमति देता है, साथ ही सेवा व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों को भी सरल बनाता है।

"मेरा मानना है कि हमारी टीमों को यह देखने के लिए क्षेत्रों में कनेक्शन तोड़देना चाहिए कि हम इसे कैसे विकसित कर सकते हैं । आइए थोड़ा अधिक महत्वाकांक्षी बनें और 2030 तक सगाई में USD100 बिलियन का लक्ष्य रखें, इसलिए, आठ वर्षों में, हम अपने रिश्ते को चार गुना कर देंगे "मंगलवार को, गोयल ने कहा।

सेवा व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए, दोनों देश दोहरी डिग्री जैसी चीजों को देख रहे हैं और पारस्परिक मान्यता समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं। उद्यमिताएग्रीटेक ऐसे क्षेत्र हैं जहां दोनों देश अधिक प्रभावी ढंग से सहयोग कर सकते हैं।

गर्व की बात: अमेरिका और यूरोपीय देशों में छा रहा कानपुर का चमड़ा, कुल निर्यात में 32.5 फीसदी की आई बढ़ोतरी

चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष संजय लेखा ने बताया कि इस साल भी चमड़ा निर्यात में बड़ी वृद्धि देखने को मिल रही है। अप्रैल-मई 2021 में जहां देशभर से 621.50 मिलियन अमेरिकी डालर निर्यात किया गया था। वो अप्रैल-मई 2022 में 887.40 मिलियन डालर हो गया है।

चमड़ा निर्यात

कोरोना के कारण चीन पर उठ रहे सवालों के बाद से अमेरिका और यूरोप के 27 देशों ने चमड़ा उत्पादों के लिए भारत पर निर्भरता बढ़ा दी है। इसी की देन है कि कानपुर के चमड़ा कारोबार को निर्यात के बड़े ऑर्डर लगातार मिलते जा रहे हैं। यूरोपीय देशों में यहां का चमड़ा खूब पसंद किया जा रहा है। शहर से दुनिया के 50 देशों में चमड़ा और चमड़े से बने उत्पाद भेजे जाते हैं।

चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष संजय लेखा ने बताया कि इस साल भी चमड़ा निर्यात में बड़ी वृद्धि देखने को मिल रही है। अप्रैल-मई 2021 में जहां देशभर से 621.50 मिलियन अमेरिकी डालर निर्यात किया गया था। वो अप्रैल-मई 2022 में 887.40 मिलियन डालर हो गया है। डॉलर के संदर्भ में 42.78 फीसदी की वृद्धि हुई है। शहर से इस दौरान 20 से 22 फीसदी की वृद्धि देखने को मिल रही है। देश के कुल चमड़ा निर्यात में वृद्धि की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले 32.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अमेरिका से भी व्यापार बढ़ा
अमेरिका के साथ चमड़े के व्यापार में 78.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-मई 2021 में निर्यात 128.49 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-मई 2022 में 229.40 मिलियन अमेरिकी डालर हो गया है।

यूरोप के देशों से भी अच्छा व्यापार
यूरोप के बाजारों में 44.6 फीसदी की वृद्धि हुई। यूरोपीय देशों को अप्रैल-मई 2021 में 317.04 मिलियन अमरीकी डॉलर निर्यात किया गया था। जो अप्रैल-मई 2022 में बढ़कर 458.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।

यूएई और आस्ट्रेलिया से हुआ करार
संजय लेखा के अनुसार यूरोप के प्रमुख बाजारों के अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात आदि देशों में निर्यात में बढ़ोतरी हो रही है। भारत ने यूएई और आस्ट्रेलिया के साथ करार किए हैं। जिसका लाभ आने वाले समय में देखने को मिलेगा। इन व्यापार समझौतों के तहत चमड़े, चमड़े के उत्पादों और जूते के लिए आयात शुल्क छूट मिलेगी। भारत-यूके के बीच सितंबर में होगा करार
संजय लेखा ने बताया कि भारत और यूके के बीच सितंबर में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने की संभावना है। इसी तरह यूरोपीय संघ के साथ भी वार्ता शुरू हो गई है। इन व्यापार समझौतों के होने से यूरोपीय देशों में और निर्यात बढ़ेगा।

बातचीत
कानपुर समेत पूरे देश से चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ा है। कोरोना के बाद से पूरे विश्व में शहर के उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। अमेरिका और यूरोप के देशों के साथ निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर है। यूएई, ऑस्ट्रेलिया के साथ करार से चमड़ा उद्योग को खासा लाभ होगा। - आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

2019-20 के बाद से शहर से लगातार चमड़ा व चमड़ा उत्पादों का निर्यात बढ़ता जा रहा है। पूरी दुनिया कानपुर के कारोबारियों से उत्पाद खरीद रही है। नए-नए बाजार मिलने से चमड़ा क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। शहर को निर्यात का हब बनाने के लिए भी तैयारी की जा रही हैं।- जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद देशभर से चमड़े का कुल निर्यात
2020-21 3.7 बिलियन डॉलर
2021-22 4.90 बिलियन डॉलर
2022-23 06 बिलयन डॉलर (लक्ष्य)

कानपुर से चमड़े का कुल निर्तात
2020-21 6100 करोड़ रुपये
2021-22 8200 करोड़ रुपये
2022-23 10,000 करोड़ रुपये (लक्ष्य)

विस्तार

कोरोना के कारण चीन पर उठ रहे सवालों के बाद से अमेरिका और यूरोप के 27 देशों ने चमड़ा उत्पादों के लिए भारत पर निर्भरता बढ़ा दी है। इसी की देन है कि कानपुर के चमड़ा कारोबार को निर्यात के बड़े ऑर्डर लगातार मिलते जा रहे हैं। यूरोपीय देशों में यहां का चमड़ा खूब पसंद किया जा रहा है। शहर से दुनिया के 50 देशों में चमड़ा और चमड़े से बने उत्पाद भेजे जाते हैं।

चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष संजय लेखा ने बताया कि इस साल भी चमड़ा निर्यात में बड़ी वृद्धि देखने को मिल रही है। अप्रैल-मई 2021 में जहां देशभर से 621.50 मिलियन अमेरिकी डालर निर्यात किया गया था। वो अप्रैल-मई 2022 में 887.40 मिलियन डालर हो गया है। डॉलर के संदर्भ में 42.78 फीसदी की वृद्धि हुई है। शहर से इस दौरान 20 से 22 फीसदी की वृद्धि देखने को मिल रही है। देश के कुल चमड़ा निर्यात में वृद्धि की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले 32.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अमेरिका से भी व्यापार बढ़ा
अमेरिका के साथ चमड़े के व्यापार में 78.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-मई 2021 में निर्यात 128.49 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-मई 2022 में 229.40 मिलियन अमेरिकी डालर हो गया है।

यूरोप के देशों से भी अच्छा व्यापार
यूरोप के बाजारों में 44.6 फीसदी की वृद्धि हुई। यूरोपीय देशों को अप्रैल-मई 2021 में 317.04 मिलियन अमरीकी डॉलर निर्यात किया गया था। जो अप्रैल-मई 2022 में बढ़कर 458.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।

यूएई और आस्ट्रेलिया से हुआ करार
संजय लेखा के अनुसार यूरोप के प्रमुख बाजारों के अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात आदि देशों में निर्यात में बढ़ोतरी हो रही है। भारत ने यूएई और आस्ट्रेलिया के साथ करार किए हैं। जिसका लाभ आने वाले समय में देखने को मिलेगा। इन व्यापार समझौतों के तहत चमड़े, चमड़े के उत्पादों और जूते के लिए आयात शुल्क छूट मिलेगी।

भारत-यूके के बीच सितंबर में होगा करार
संजय लेखा ने बताया कि भारत और यूके के बीच सितंबर में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने की संभावना अमरीकी डालर के व्यापार है। इसी तरह यूरोपीय संघ के साथ भी वार्ता शुरू हो गई है। इन व्यापार समझौतों के होने से यूरोपीय देशों में और निर्यात बढ़ेगा।

बातचीत
कानपुर समेत पूरे देश से चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ा है। कोरोना के बाद से पूरे विश्व में शहर के उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। अमेरिका और यूरोप के देशों के साथ निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर है। यूएई, ऑस्ट्रेलिया के साथ करार से चमड़ा उद्योग को खासा लाभ होगा। - आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

2019-20 के बाद से शहर से लगातार चमड़ा व चमड़ा उत्पादों का निर्यात बढ़ता जा रहा है। पूरी दुनिया कानपुर के कारोबारियों से उत्पाद खरीद रही है। नए-नए बाजार मिलने से चमड़ा क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। शहर को निर्यात का हब बनाने के लिए भी तैयारी की जा रही हैं।- जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

देशभर से चमड़े का कुल निर्यात
2020-21 3.7 बिलियन डॉलर
2021-22 4.90 बिलियन डॉलर
2022-23 06 बिलयन डॉलर (लक्ष्य)

कानपुर से चमड़े का कुल निर्तात
2020-21 6100 करोड़ रुपये
2021-22 8200 करोड़ रुपये
2022-23 10,000 करोड़ रुपये (लक्ष्य)

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