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डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं?

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Mutual Fund Kya Hai | म्यूचुअल फंड क्या है और कैसे काम करता है ?

Mutual डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? Fund Kya Hai Hindi – टीवी पर आपने देखा होगा कि बड़े बड़े क्रिकेटर जैसे सचिन, रोहित शर्मा, MSD धोनी, आदि म्यूचुअल फंड का एड्स करते है उसके बाद लास्ट में कहा जाता है कि म्युचुअल फण्ड सही है ? लेकिन क्या आप जानते है म्यूचुअल फण्ड क्या है आइये आज हम आपके लिए पूरी जानकारी लेकर आये है |

mutual fund Kya hai

Table of Contents

Mutual Fund Kya Hai | म्यूचुअल फंड क्या है ?

म्यूचुअल फंड अपने पैसे को निवेश करने का एक बेहतर विकल्प देता है | mutual fund का अर्थ होता है लोगों से एकत्रित किया हुआ पैसा, जिसका उपयोग करके सोना, सरकारी बांड, कंपनियों के शेयर्स इत्यादि कई जगह पर लगाया जाता है और इससे होने वाले फ़ायदे को उन इन्वेस्टर्स में बाँट दिया जाता है जिन्होंने अपना पैसा निवेश किया था |

mutual fund में आपका काम केवल पैसा लगाना होता है और अन्य सारे काम जैसे किस कंपनी का शेयर, कितना सोना, किसका बांड (सरकारी या प्राइवेट) खरीदना है, यह सारे काम करने के लिए एक फंड मेनेजर होता है | फंड मैनेजर को मार्केट का ज्ञान होता है वह शेयर बाजार, बांड संबधित विषयों का एक्सपर्ट होता है |

फंड मैनेजर इस बात का पूरा ध्यान रखता है कि आपके इन्वेस्ट किये हुए पैसे को सही और सुरक्षित जगह पर लगाकर अच्छा रिटर्न कमाया जाए और आपको अच्छा रिटर्न दिलाए |

Mutual Fund Kaise Kam Karta Hai | म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है ?

म्यूचुअल फंड unit system पर काम करता है मतलब जब भी कोई इन्वेस्टर mutual fund में पैसे लगाता है तो उसे mutual fund के कुछ यूनिट दिया जाता है , इन म्यूचुअल फंड यूनिट का मूल्य रोजाना घटते- बढ़ते रहता है |

जो इन्वेस्टर जितना पैसा किसी म्यूचुअल फंड में लगाता है उसको उतना म्यूचुअल फंड यूनिट अलाटमेंट होता डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? है या मिलता है |

जैसे ABC म्यूचुअल फंड के एक यूनिट का मूल्य 50 रूपये है और रमेश ABC म्यूचुअल फंड में 5000 रूपये लगाता है तो रमेश को 100 म्यूयूचुअल फंड यूनिट मिलेंगे |

Mutual Fund Ke Fayde | म्यूचुअल फंड के फ़ायदे

Mutual fund इन दिनों काफी पोपुलर हो रहा है क्योंकि यह सोना, जमीन, फिक्स्ड डिपोजिट आदि से ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखता है और इसके इतने सारे फ़ायदे है कि हर कोई भी इसमें इन्वेस्ट करना चाहता है, आइये हम Mutual fund ke fayde को एक – एक करके देखते है –

चक्रवृद्धि ब्याज़ – mutual fund में पैसे लगाकर चक्रवृद्धि ब्याज (रिटर्न) कमा सकते हैं, एक अच्छा म्यूचुअल फंड, लॉन्ग टर्म में औसतन सालाना 14% से 18% तक का रिटर्न दे सकता है

लचीलापन – म्यूचुअल फंड में लगाये पैसों डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? को आप कभी भी व कहीं से भी निकाल सकते है, पैसा 3 से 5 दिन के भीतर आपके खाते में जमा हो जाता है

पारदर्शी -.डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? म्यूचुअल फंड में लगे पैसों को, रोजाना, महीने, साल में कभी भी देख या चेक कर सकते है

प्रोफेशनल मेनेजर – हर mutual fund में पैसे को मैनेज करने के लिए, पैसे को सही जगह लगाने के लिए एक्सपर्ट फंड मैनेजर होता है जो अपने अनुभव इन्वेस्ट करके इन्वेस्टर्स को बेहतर रिटर्न दिलाता है

कम पैसों से शुरुआत – म्यूचुअल फंड में कम पैसों से निवेश करके भी अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को पाया जा सकता है, कोई भी व्यक्ति mutual fund में 500-1000 रुपए महीनें लगाकर शुरुआत कर सकता हैं और जब इनकम बढ़ने लगे तो इन्वेस्टमेंट भी बढ़ा सकता है

डाइवर्सीफिकेशन – म्यूचुअल फंड का पैसा अलग अलग प्रकार के संपत्ति में लगता है जैसेः गोल्ड, ज़मीन, बॉन्ड, कंपनियों के शेयर आदि, यह mutual fund के रिस्क को सभी में बाँट देता है क्योंकि एक साथ जमीन, सोना या शेयर के दाम गिरने के चांस बहुत ही कम है

टैक्स लाभ – म्यूचुअल फंड में निवेश करके टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं, इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के माध्यम से 1.5 लाख तक mutual fund के ईएलएसएस (ELSS) फंड में निवेश करके टैक्स लाभ लिया जा सकता है |

सुरक्षित निगरानी – सभी mutual fund को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) निगरानी करती है, जो इन्वेस्टर्स के पैसों के साथ धोखाधड़ी न हो इसका पूरा ध्यान रखती हैं, और कड़ी कानूनी कार्यवाही भी करती हैं |

Mutual Fund Kitne Prakar ke Hote Hai | म्‍यूचुअल फंड कितने प्रकार के होते हैं?

एसेट क्लास के आधार पर जिन म्यूचुअल फंड के बारे में ज्यादा बात होती है वह है – इक्विटी म्यूच्यूअल फंड व डेब्ट म्यूच्यूअल फंड, आइये इसे एक एक करके अच्छे से समझते है –

Equity Mutual Fund Kya Hai | इक्विटी म्यूच्यूअल फंड क्या है ?

इस फण्ड में इन्वेस्ट डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? किये गए पैसों से कंपनियों का शेयर ख़रीदा जाता है इसलिए इसे इक्विटी म्यूचुअल फण्ड कहते है | equity mutual fund का 65% या उससे अधिक पैसा कंपनियों के शेयर्स खरीदनें में निवेश किया जाता है |

क्योंकि इसका पैसा कंपनियों के शेयर में लगाये जाते है इसलिए यह थोड़ा सा रिस्की होता है लेकिन equity mutual fund लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न देता है | इक्विटी म्युचुअल फण्ड सालाना 14% – 15% का औसत रिटर्न दे सकता है |

Debt डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? Mutual Fund Kya Hai | डेब्ट म्यूच्यूअल फंड क्या है ?

डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में निवेशकों के लगायें पैसे को सरकारी प्रतिभूतियों, कॉर्पोरेट बांड, ट्रेज़री बिल, व अन्य प्रकार के सिक्योरिटीज़ में लगाया जाता है अर्थात् उधार के रूप में संस्थाओ को दिया जाता है | इसमें equity mutual fund की तुलना में रिस्क कम होता है | Debt mutual fund उन निवेशकों के लिए बेहतर होता है जो कम रिस्क लेकर अपनें पैसे को निवेश करना चाहते है |

डेब्ट म्यूचुअल फण्ड में लगाया गया पैसा एक निश्चित समय के लिए, निश्चित ब्याज़ दर पर लगाया जाता है | अतः निवेशकों को इस बात का खबर रहता है कि समयावधि समाप्त होने पर उन्हें Debt mutual fund से एक “फिक्स इनकम” मिलने वाला है |

अब आप जान गए होंगे कि म्यूचुअल फंड क्या है और यह कैसे काम करता है इसके कितनें सारे फायदे है | अगर आपको इस पोस्ट से कुछ सीखने को मिला है तो नीचें जरुर कमेंट करके बताएं, और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करना ना भूले |

Mutual Funds Investment : अच्छे रिटर्न हासिल करने के हैं ये बड़े फॉर्मूले, नहीं डूबेगा पैसा

पैसों के बेहतर निवेश के लिए म्युचुअल फंड्स एक बेहतर विकल्प हैं, लेकिन अधिकांश लोग इसकी खासियत, प्रकार और निवेश की जानकारी नहीं होने से लाभ नहीं उठा पाते या नुकसान उठा बैठते हैं.

By: एबीपी न्यूज़ | Updated at : 02 Jul 2021 02:53 PM (IST)

Investment : म्युचुअल फंड को लेकर कॉमन जानकारी है कि मॉडरेट रिस्क के साथ 5-10 सालों तक किया गया इनवेस्टमेंट आपको 15 प्रतिशत तक रिटर्न देने में सक्षम है. हालांकि निवेश करने से पहले फंड के बारे में पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है. दरअसल म्युचुअल फंड इक्विटी में इंवेस्ट करते हैं, इसलिए इनकी वोलेटीलिटी अधिक होती है, यानी इसका उतार चढ़ाव, यह वजह है कि फाइनेंस एक्सपर्ट इसमें लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट की सलाह देते हैं. म्युच्युअल फंड्स में 5 या 10 साल तक किया गया निवेश मुद्रास्फीति या महंगाई की दर के अनुपात में बहुत अच्छे रिटर्न देने वाले होते हैं.

फीचर्स और टाइप
इसमें एक फंड मैनेजर होता है, जो आपके पैसे को अलग-अलग स्टॉक में लगाकर मुनाफा कमाता है और रिटर्न देकर एवज में अपने लिए कुछ अमाउंट कमीशन के तौर पर रख लेता है. फंड हाउस मैनेज करने के लिए ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी होती हैं, जैसे एचडीएफसी म्युचुअल फंड एसबीआई म्यूचुअल फंड, आदित्य बिरला म्युचुअल डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं? फंड आदि.

म्यूचुअल फंडस तीन तरह के होते हैं, इक्विटी, डेब्ट और हाईब्रीड. आप रिस्क लेने में सक्षम हैं तो इक्विटी में पैसा लगा सकते हैं, कम रिस्क लेकर ठीक मुनाफा चाहते हैं तो डेब्ट में निवेश कर सकते हैं, मॉडरेट रिस्क-रिटर्न लेना चाहते हैं तो हाइब्रिड में निवेश बेहतर होगा. म्यूचल फंड कई सेक्टर में भी बंटे होते हैं, जिसमें टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर और एफएमसीजी हैं. अगर आप अनुमान लगा सकते हैं कि भविष्य में कौन सा सेक्टर मुनाफे का हो सकता है तो आप वहां निवेश कर सकते हैं. कुछ टैक्स सेविंग फंड होते हैं, जहां निवेश कर आप टैक्स डिडक्शन अंडर सेक्शन 80c के तहत छूट पा सकते हैं. मगर यहां आप पैसा नहीं निकाल पाएंगे, क्योंकि 3 साल का लॉक इन पीरियड लग जाता है.

इन्वेस्टमेंट कैसे करें
पहला तरीका है एसआईपी दूसरा लमसम. सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आप सीधे ले सकते हैं, इससे आपको रेगुलर सेविंग इन्वेस्टमेंट की आदत बन जाएगी. मगर लमसम इंवेस्ट की सलाह तब दी जाती है, जब मार्केट क्रैश कर चुकी हो और भविष्य में इसके बढ़ने की संभावना बन रही हो.

पहले इन्हें चेक करें

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पहले फंड का 5 से 10 साल का रिटर्न प्रोसेस चेक करना जरूरी है. कमीशन रेशो भी चेक करना होगा, यह 1-2 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए. एंट्री-एग्जिट लोड भी चेक करना होगा. यानी जब आप निवेश कर रहे हो तब आपका कितना पैसा कट सकता है और मेच्योरिटी के बाद पैसा पाएंगे तो कितना पैसा कटेगा.

ऐसे लगाएं पैसा

एक बार ऑनलाइन या कंसलटेंट के जरिए टारगेट गोल सेट कर केवाईसी कराएं. पैन, आधार और कैंसिल चेक म्युचुअल फंड कंपनी को देकर निवेश के लिए वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करना होगा. घर कर्मचारी आपसे घर आकर जरूरी डॉक्यूमेंट ले लेंगे. दूसरा तरीका है ऑनलाइन, जिसके लिए कई ऐप्स आ चुकी हैं, जिनके जरिए भी निवेश किया जा सकता है.

अंत में कितना फायदा
पहला फायदा, हाई रिटर्न का है, मॉडरेट रिस्क पर भी अच्छी लिक्विडिटी मिलती है. आप कभी भी पैसा डाल सकते हैं और कभी भी पैसा निकाल सकते हैं. नुकसान है, हाई वोलैटिलिटी का. मार्केट के उतार-चढ़ाव के चलते यह -50% भी जा सकता है और इतना ही ऊपर जा सकता है. अगर मान भी लें कि हर साल 15 परसेंट रिटर्न नहीं मिलेगा, लेकिन 5-10 के लंबे पीरियड के बाद एवरेज रिटर्न 13-15% तक मिल जाएगा.

Published at : 02 Jul 2021 02:53 PM (IST) Tags: Equity Finance Money Investment inflation Return Mutual fund risk expert formula Better Investment Volatility Moderate Risk Debt and Hybrid हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: News in Hindi

म्यूच्यूअल फंड क्या होता हैं – What is Mutual Fund in Hindi

Mutual Fund Kya Hota Hai

दोस्तों क्या आप अपने टीवी या फिर मोबाइल पर म्यूच्यूअल फण्ड की ads देख रहे है ? तो आपके मन में यह सवाल जरुर आया होगा की आखिर म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता है ?(Mutual Fund Kya Hota Hai) तो आज हम आपको इसी के बारे में पूरी जानकरी देने वाले है |

जो लोग म्यूच्यूअल फण्ड में invest करना चाहते है, उनको सबसे पहले mutual fund के बारे में पूरी जानकारी लेनी पडती है | जिससे आपको निवेश करते समय आसानी होती है |

म्यूच्यूअल फंड क्या होता हैं – What is Mutual Fund in Hindi ?

म्यूच्यूअल फण्ड में कई सारे निवेशको का पैसा एक जगह जमा किया जाता है | और जमा किए हुए पैसो को शेयर बजार में निवेश किया जाता है | म्यूच्यूअल फण्ड को AMC याने अस्सेस्ट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा मैनेज किया जाता है |

इसको सबसे ज्यादा संभव मुनुफा अर्जित करने के लिए जमा किया जाता है |

आसन भाषा में कहा जाए तो म्यूच्यूअल fund याने कई लोगो का पैसा एक जहग इक्कठा किया जाता है | उस पैसे को फिर बाजार में invest किया जाता है और उससे अच्छा return प्राप्त कर के उन लोगो को निवेश + प्रॉफिट के साथ return किया जाता है |

जो लोग share market के बारे में ज्यादा नहीं जानते है, उनके लिए म्यूच्यूअल फण्ड एक सही विकल्प होता है | म्यूच्यूअल फण्ड में लोग कम से कम 500 रूपए से निवेश कर सकते है |

Mutual Fund में निवेश करने के फायदा यह होता है की इस राशी को प्रोफेशनल लोगो द्वारा मैनेज किया जाता है, जिसको Professional Fund Manager कहा जाता है |

कितने तरह के म्यूचुअल फंड ( Mutual Fund) हैं ? Types of Mutual Funds

तो चलिए म्यूच्यूअल फण्ड कितने प्रकार के होते है, उसके बारे में जानकारी लेते है |

1. Debt Fund :

डेब्ट फण्ड में में रिस्क सबसे कम होती है | क्यों की इसमें निवेश सरकारी बांड्स और सरकारी और कंपनियों की फिक्स-इनकम सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं | डेब्ट फण्ड में निवेशको को निश्चित return मिलता है और इसमें रिस्क फैक्टर काफी कम होता है | अगर कोई वक्ती बैंक फिक्स्ड डिपाजिट की तुलना में ज्यादा return प्राप्त करना चाहता है,तो वो डेब्ट फण्ड में निवेश कर सकता है |

2 . Equity Funds

इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड इसमें निवेशको की रकम को सीधे शेयर में invest किया जाता है | जिस वजह से इक्विटी फण्ड में रिस्क थोडा ज्यादा होता है, और साथ में return भी अच्छा प्राप्त होने की संभावना होती है | डेब्ट फंड्स इक्विटी फंड को स्‍टॉक फंड के रूप में भी जानते हैं |

याने इसमें रिस्क भी ज्यादा होती है और return भी ज्यादा आने की संभावना होती है | छोटी अवधि में ये स्कीम जोखिम भरी हो सकती हैं | लेकिन लंबी अवधि में इसे आपको बेहतरीन रिटर्न कमाने में मदद मिलती है |

3 . Hybrid Mutual Fund

हाइब्रिड म्यूच्यूअल फण्ड : इस फण्ड में इक्विटी और डेब्ट दोनों फण्ड में invest किया जाता है | इसलिए इस फण्ड को हाइब्रिड फण्ड कहा जाता है |

म्यूच्यूअल फण्ड से जुड़े कुछ आम सवाल और उनके जवाब :

म्यूच्यूअल फण्ड में invest कैसे करे ? Mutual Fund me Invest Kaise Kare?

म्यूच्यूअल फण्ड में आप डायरेक्ट याने म्यूच्यूअल फण्ड की साईट पर जाकर या फिर किसी आप जैसे grow app की मदद से म्यूच्यूअल फण्ड में invest कर सकते है |

Sip क्या होता है ? SIP Kya Hai?

sip जिसको सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कहा जाता है | याने आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड में हर महीने या फिर 3 महीने में एक फिक्स्ड अमाउंट जमा कर सकते है | इसको SIP कहा जाता है|

डेब्ट फंड कितने प्रकार के होते हैं?

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