भारत में विदेशी मुद्रा व्यापार के लिए रणनीतियाँ

एमएसई को डॉलर

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I will think about & pray for the safety of these high-wire daredevils before complaining again…👍🏽🙏🏽 https://t.co/XcoxO4AD7j — anand mahindra (@anandmahindra) October 17, 2020

बीएलएस इंटरनेशनल ने जर्मन वीजा की प्रक्रिया के लिए किया करार

बीएलएस, एनएसई और एमएसई सूचीबद्ध बीएलएस इंटरनेशनल, सरकारों और नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय ग्लोबल टेक इनेबल सर्विस पार्टनर, ने आज घोषणा की कि कि उसने उत्तरी अमेरिका और मैक्सिको क्षेत्रों में जर्मनी के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक वीजा की प्रक्रिया के लिए 7 साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

बीएलएस छह महीने के भीतर मैक्सिको में दो केंद्रों और उत्तरी अमेरिका में बोस्टन, शिकागो, ह्यूस्टन, लॉस एंजिल्स, मियामी, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और वाशिंगटन डीसी सहित आठ केंद्रों के साथ परिचालन शुरू करेगा। कंपनी आवेदकों की सुविधा के लिए कई वैल्यू एडेड सर्विस जैसे फोटोकॉपी, अनुवाद, कूरियर, बीमा के साथ वीजा आउटसोर्सिंग सेवाएं प्रदान करेगी।

बीएलएस इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक श्री शिखर अग्रवाल ने कहा, “हम फेडरल फॉरेन ऑफिस, जर्मनी के साथ इस नई साझेदारी को शुरू करके खुश हैं और उत्तरी अमेरिका मेक्सिको क्षेत्र में आवेदकों को तेज और सुविधाजनक जर्मन वीजा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह अनुबंध शेंगेन सरकार के साथ हमारे वीज़ा पोर्टफोलियो को मजबूत करता है। मैं बिना किसी परेशानी के सभी काम होने के लिए आश्वस्त हूं और इस तरह के और अधिक अवसरों के साथ इस संबंध को मजबूत करने की आशा करता हूं।”

ये केंद्र प्रीमियम लाउंज (जिसमें आवेदक व्यक्तिगत सेवा का विकल्प चुन सकते हैं) और प्राइम टाइम सबमिशन (जिसमें आवेदक केंद्र के काम के घंटों से पहले और बाद में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं) सहित अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करेंगे। कंपनी मोबाइल बायोमेट्रिक सेवा भी शुरू करेगी जिसमें आवेदक अतिरिक्त शुल्क पर अपने सुविधाजनक स्थान (घर या कार्यालय) पर आवेदन जमा करना चुन सकते हैं।

बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड (“बीएलएस इंटरनेशनल” या “बीएलएस”) सरकारों और नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय ग्लोबल टेक इनेबल सर्विस पार्टनर, जिसकी वीज़ा, पासपोर्ट, कांसुलर, सिटीजन, ई-गवर्नेंस, अटेस्टेशन, बायोमेट्रिक, ई-वीज और रिटेल सर्विस के क्षेत्र में 2005 से बिना गलती के काम करने की प्रतिष्ठा स्थापित है। कंपनी को बिजनेस टुडे पत्रिका द्वारा “भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों” के रूप में मान्यता दी गई है, फोर्ब्स एशिया द्वारा “बेस्ट अंडर ए एमएसई को डॉलर बिलियन कंपनी” और “फॉर्च्यून इंडियाज नेक्स्ट 500 कंपनियों” में स्थान दिया गया है।

कंपनी 46 से अधिक गवर्नमेंट क्लाइंट के साथ काम करती है इनमें राजनयिक मिशन, दूतावास और वाणिज्य दूतावास शामिल है, इन स्थानों पर टेक्नोलॉजी और प्रक्रियाओं की मदद से डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करती है। कंपनी के पास अब वैश्विक स्तर पर 15,500 से अधिक केंद्रों का एक व्यापक नेटवर्क है, जिसमें 15,000 से अधिक कर्मचारियों और सहयोगियों की मजबूत ताकत है जो कांसुलर, बायोमेट्रिक और नागरिक सेवाएं प्रदान करते हैं। बीएलएस ने विश्व स्तर पर अब तक 62 मिलियन से अधिक आवेदनों को प्रोसेस किया है।

लाइनमैन का ये Video देखकर आनंद महिंद्रा बोले- बिजली की शिकायत करने पहले कई बार सोचूंगा

यह 55 सेकेंड का वीडियो तटीय कांकड़ और पश्चिमी घाट के बीच में पड़ने वाले खंडाला इलाके का है

Published: October 17, 2020 9:02 PM IST

लाइनमैन का ये Video देखकर आनंद महिंद्रा बोले- बिजली की शिकायत करने पहले कई बार सोचूंगा

मुंबई: महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेष कंपनी लि. (एमएसई) के एक कर्मचारी का वीडियो को देख कर मुंबई में रहने वाले देश के प्रमुख उद्यमी आनंद महिंद्रा ने कहा कि अब वह विद्युत सेवाओं को लेकर शिकायत करने से पहले कई बार सोचेंगे.

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दरअसल, इस वीडियो में खंडाला इलाके में एक ऊंची पारेषण लइन ठीक करने में लगे एक कर्मचारी के साहसिक काम को दिखाया गया है. बताया गया है कि यह 55 सेकेंड का वीडियो तटीय कांकड़ और पश्चिमी घाट के बीच में पड़ने वाले खंडाला इलाके का है.

वीडियो में वह कर्मचारी जिस ट्रांसमिशन लाइन पर काम करते हुए दिख रहा है, वह जमीन से काफी ऊंचाई पर है. वह वहां अकेले यह जोखिम भरे काम को पूरा करने में लगा है.

I will think about & pray for the safety of these high-wire daredevils before complaining again…👍🏽🙏🏽 https://t.co/XcoxO4AD7j — anand mahindra (@anandmahindra) October 17, 2020

बता दें कि मुंबई और आस पास के इलाकों में ग्रिड में खराबी से बिजली का गंभीर संकट पैदा हो गया था. इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी.

महाराष्ट्र सूचना केंद्र-नई दिल्ली के उप निदेशक दयानंद कांबले द्वारा साझा किए गए इस वीडियो पर महिंद्रा एंड महिंद्रा उद्योग समूह के प्रमुख ने ट्वीट किया, ” आगे कभी शिकायत करने से पहले मैं ऊंचे तारों पर जोखिम से जूझने वाले ऐसे बहादुरों के बारे में सोचूंगा और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करूंगा.”

काम्बले ने कहा कि एमएसईटीसीएल के कर्मचारी ग्रिड की समस्या दूर करने में चार दिन से लगे हुए थे. मुख्यत: उसी लाइन में खराबी के कारण गत सोमवार को देश की वित्तीय राजधानी में बिजली गुल हुई थी.

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यह 55 सेकेंड का वीडियो तटीय कांकड़ और पश्चिमी घाट के बीच में पड़ने वाले खंडाला इलाके का है

Published: October 17, 2020 9:02 PM IST

लाइनमैन का ये Video देखकर आनंद महिंद्रा बोले- बिजली की शिकायत करने पहले कई बार सोचूंगा

मुंबई: महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेष कंपनी लि. (एमएसई) के एक कर्मचारी का वीडियो को देख कर मुंबई में रहने वाले देश के प्रमुख उद्यमी आनंद महिंद्रा ने कहा कि अब वह विद्युत सेवाओं को लेकर शिकायत करने से पहले कई बार सोचेंगे.

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दरअसल, इस वीडियो में खंडाला इलाके में एक ऊंची पारेषण लइन ठीक करने में लगे एक कर्मचारी के साहसिक काम को दिखाया गया है. बताया गया है कि यह 55 सेकेंड का वीडियो तटीय कांकड़ और पश्चिमी घाट के बीच में पड़ने वाले खंडाला इलाके का है.

वीडियो में वह कर्मचारी जिस ट्रांसमिशन लाइन पर काम करते हुए दिख रहा है, वह जमीन से काफी ऊंचाई पर है. वह वहां अकेले यह जोखिम भरे काम को पूरा करने में लगा है.

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बता दें कि मुंबई और आस पास के इलाकों में ग्रिड में खराबी से बिजली का गंभीर संकट पैदा हो गया था. इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी.

महाराष्ट्र सूचना केंद्र-नई दिल्ली के उप निदेशक दयानंद कांबले द्वारा साझा किए गए इस वीडियो पर महिंद्रा एंड महिंद्रा उद्योग समूह के प्रमुख ने ट्वीट किया, ” आगे कभी शिकायत करने से पहले मैं ऊंचे तारों पर जोखिम से जूझने वाले ऐसे बहादुरों के बारे में सोचूंगा और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करूंगा.”

काम्बले ने कहा कि एमएसईटीसीएल के कर्मचारी ग्रिड की समस्या दूर करने में चार दिन से लगे हुए थे. मुख्यत: उसी लाइन में खराबी के कारण गत सोमवार को देश की वित्तीय राजधानी में बिजली गुल हुई थी.

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SIDBI ने लोन और एडवांस में पार किया 2 लाख करोड़ का आंकड़ा, FY 2021 की तुलना में 29% की वृद्धि

SIDBI ने लोन और एडवांस में पार किया 2 लाख करोड़ का आंकड़ा, FY 2021 की तुलना में 29% की वृद्धि

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) (Small Industries Development Bank of India - SIDBI) की 24वीं आम बैठक 25 जून 2022 को उसके प्रधान कार्यालय, लखनऊ में सम्पन्न हुई. इस आम बैठक में 31 मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के सिडबी के अंकेक्षित वित्तीय परिणाम अनुमोदित किए गए. सिडबी के अध्यक्ष और प्रबन्ध निदेशक सिवसुब्रमणियन रमण, IA&AS ने सदस्यों को वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान व्यवसाय में हुई अच्छी वृद्धि की जानकारी दी. बताया गया कि सिडबी ने सभी कारोबारी वर्टिकलों में समग्र रूप से वृद्धि हासिल की है.

सिडबी के डिस्बर्समेंट्स वित्त वर्ष 2021 के रु. 96029 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में रु. 143758 करोड़ हो गये. इस एमएसई को डॉलर प्रकार उनमें 50% की वृद्धि दर्ज़ हुई. बैंक की कुल एसेट्स रु. 1.92 लाख करोड़ से 29% बढ़कर रु. 2.47 लाख करोड़ हो गयी. वित्त वर्ष 2022 के दौरान बैंक को रु. 9139 करोड़ की आय और रु. 1958 करोड़ का नेट प्रोफिट हुआ. इसकी नेट वर्थ 14% बढ़कर रु. 23497 करोड़ हो गयी. प्रति शेयर अर्जन (Earnings Per Share - EPS) वित्त वर्ष 2022 में रु. 36.79 रहा. यथा 31 मार्च 2022 बैंक के निवल बकाया के प्रति सकल और निवल अनर्जक आस्तियाँ क्रमशः 0.11% और 0.07% रहीं. यथा 31 मार्च 2022 बैंक का पूँजी पर्याप्तता अनुपात 24.28% रहा. महामारी से ग्रस्त वर्ष होने के बावजूद बैंक ने अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी और प्रमुख मानदंडों की दृष्टि से वृद्धि हासिल की. आम बैठक में वित्त वर्ष 2022 के लिए 15% लाभांश अनुमोदित किया गया.एमएसई को डॉलर

loans-and-advances-of-sidbi-crossed-the-landmark-of-rs-2-lakh-crore-at-rs202252-crore-as-of-march-31-2022-with-a-growth-of-29-over-fy-2021

रमण ने कहा कि सिडबी MSME क्षेत्र को सुदृढ़ करने और उसकी जड़ों की गहराई तक ले जाने के लिए कार्यरत हैं. जिस प्रकार भारत सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना चाहती है, उसी प्रकार सिडबी का लक्ष्य अपनी बैलेंस शीट को बढ़ाकर रु. 5 ट्रिलियन तक ले जाना है, ताकि MSME क्षेत्र के ऋण में वृद्धि की जा सके.

भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) ने सिडबी को विशेष तरलता निधि की सुविधा प्रदान की है, जिसका उपयोग करते हुए सिडबी ने कई इनोवेटिव योजनाएं आरंभ कीं, ताकि MSME क्षेत्र, खास तौर से छोटी/अल्प सेवित/असेवित एमएसई की अल्प कालिक और मध्य कालिक ज़रूरतों को पूरा किया जा सके. इनमें से कुछ योजनाएं इस प्रकार हैं -

  • SIDBI MSME Covid Response Fund (SMCRF) - इसका उद्देश्य वित्तीय संस्थाओं जैसे एनबीएफसी, फिनटेक कंपनियों तथा माइक्रो फाइनैंस कंपनियों की ऋण लिखतों में निवेश के माध्यम से एमएसएमई/ छोटे व्यवसायों/ अल्प वित्त उधारकर्ताओं को निधि उपलब्ध कराना है.
  • Partial Guarantee Pool Loan Issuance Scheme - इसके अंतर्गत बैंक द्वारा ऐसे मध्यम आकार के एनबीएफसी तथा एमएफआई को ऋण दिया जाएगा जिनका प्रबंधन और कामकाज अच्छा है. इस ऋण के लिए तृतीय पक्ष/व्यवस्थापक द्वारा सामूहिक आंशिक गारंटी उपलब्ध होगी.
  • Scheme of Assistance through Regulated Entities (REs) - इस योजना में दो स्तरों पर वित्तीय मध्यस्थों का उपयोग होगा. इसमें एमएसई को डॉलर रेटिंग-प्राप्त विनियमित संस्थाओं (एनबीएफसी, एमएफआई, बैंकों/लघु वित्त बैकों) को संसाधन सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपेक्षाकृत छोटे और बिना रेटिंग-प्राप्त /निम्न रेटिंग-प्राप्त NBFCs/ MFIs को आगे ऋण दे सकें.

सिडबी अनेक डिजिटल प्रयासों को विकसित करन में अग्रणी रहा है, जैसे PSBLoansin59minutesइन 59 मिनट्स तथा Receivables Exchange of India (RXIL) (TReDS platform).फंडिंग और विकास, इन दोनों भूमिकाओं का समावेश करते हुए सिडबी ऋण-प्रदायगी के नये-नये माध्यम विकसित कर रहा है. ऐसा ही एक माध्यम विकसित किया जा रहा है जीएसटी सहाय, जो छोटे व्यवसायों के इन्वॉइस-आधारित (इन्वॉइस-डिस्काउंटिंग नहीं) वित्तपोषण के लिए पहला रेफरेंस ऐप है. बैंक MSME फॉर्मलाइजेशन प्रोजेक्ट नामक एक अन्य डिजिटल पहल का लक्ष्य हासिल करनेवाला है, जिसका उद्देश्य MSME के लिए शासन, बाजार तथा वित्तीय सेवाओं तक बेहतर डिजिटल पहुँच मुहैया कराना है.

उद्यम रजिस्ट्रेशन (Udyam registration) के ज़रिए अनौपचारिक क्षेत्र के लिए नये दरवाज़े खुलने की उम्मीद है, ताकि वे औपचारिक संस्थाओं से सहायता पा सकें. सिडबी ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) को सहायता दे रहा है, जो कि डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड (DPIIT) की पहल है. इसका उद्देश्य डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से माल और सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए मुक्त नेटवर्क को बढ़ावा देना है. इसके अलावा, सिडबी अपनी ऋण-प्रक्रियाओं को कारगर बनाकर डिजिटाइज कर रहा है, ताकि शुरुआत यानी ऋण के लिए पूछताछ से लेकर अन्त यानी संवितरण तक के समाधान दिए जा सकें. कार्रवाई समय में कमी लाने और MSME को कम लागत पर ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है.

भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सिडबी अल्पसेवित/असेवित सूक्ष्म उद्यमों तक पहुँच रहा है. यह पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के लिए आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय की क्रियान्वयन एजेंसी है. इस योजना का उद्देश्य शहरी पथ-विक्रेताओं को ऋण मुहैया कराना है, ताकि वे लॉकडाउन के बाद अपने जीविकोपार्जन की गतिविधियाँ शुरू कर सकें. मुद्रा के अंतर्गत शिशु ऋणों के लिए सदस्य ऋणदात्री संस्थाओं को ब्याज अनुदान प्रदान करने के लिए भी सिडबी नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत है.

आयुष मंत्रालय की ब्याज अनुदान योजना के लिए भी सिडबी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है. इसके अलावा दूरसंचार विभाग के टेलीकॉम ऑर नेटवर्किंग उत्पादों तथा औषधि विभाग के औषधीय उत्पादों के विनिर्माण के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के अंतर्गत भी सिडबी को परियोजना प्रबंध एजेंसी (PMA) का दायित्व दिया गया है.

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